23 सितंबर, लखनऊ। केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में बुधवार को उत्तर प्रदेश के चार शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत हुई। गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज से शुरू हुई सहकारिता आधारित इस टैक्सी सेवा में ड्राइवर को अपनी मेहनत और कमाई का सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम का प्रसारण प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर हुआ, जहां जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में 50 से 60 हजार लोग इससे जुड़े।
केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि भारत टैक्सी सहकारिता मंत्रालय की उन महत्वपूर्ण पहलों में से एक है, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में देश में सहकारिता का स्वरूप बदलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जुलाई 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की। आज देश में करीब 32 करोड़ सदस्य सहकारिता क्षेत्र के माध्यम से जुड़े हैं।
पांच वर्षों में 160 से अधिक नई पहल
मोहोल ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सहकारिता मंत्रालय ने 160 से अधिक नई पहल शुरू की हैं। इनका उद्देश्य सहकारिता को गांव, किसान और आम लोगों की आर्थिक प्रगति का मजबूत माध्यम बनाना है। देश में पैक्स को आधुनिक बनाने का काम भी बड़े स्तर पर चल रहा है।
उन्होंने बताया कि करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 80 हजार पैक्स के कंप्यूटरीकरण का काम किया जा रहा है। इससे प्राथमिक सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को तकनीक से जोड़ने का काम हो रहा है।
दुग्ध उत्पादन क्षमता 40 प्रतिशत बढ़ाने पर काम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि श्वेत क्रांति के माध्यम से देश में दुग्ध उत्पादन की क्षमता को करीब 40 प्रतिशत बढ़ाने पर भी सहकारिता मंत्रालय काम कर रहा है। सहकारिता क्षेत्र को केवल परंपरागत व्यवस्था तक सीमित रखने के बजाय इसे नए क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है और भारत टैक्सी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
मोहोल ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत को देखते हुए देश में पहला सहकारिता विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। पहले लोग सहकारिता क्षेत्र में आने के बाद प्रशिक्षण लेते थे, लेकिन अब प्रयास है कि पहले से प्रशिक्षित युवाओं की संख्या बढ़े और वे इस क्षेत्र को पेशेवर तरीके से आगे ले जाएं।
अपनी गाड़ी, कमाई भी अपनी: पाठक
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने युवाओं से भारत टैक्सी को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपनी गाड़ी होगी, अपना ड्राइवर होगा और पैसा भी अपने घर में रहेगा। मेहनत अपनी हो और उसका लाभ कोई दूसरा ले जाए, यह व्यवस्था बदलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गरीब, किसान और मध्यम वर्ग का सहकारिता से पुराना रिश्ता है। इसकी शुरुआत किसानों को घर के पास ऋण, खाद, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हुई थी, लेकिन पिछली सरकारों में सहकारिता विभाग लूट का अड्डा बन गया था।
पाठक ने सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में सहकारिता विभाग के दफ्तरों में मोटे-मोटे गद्दे पड़े रहते थे और भदोही से भी बेहतर गलीचे दिखाई देते थे। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने विभाग को जिम्मेदार बनाने के साथ कमाई करने वाला विभाग बनाया है। सहकारी बैंक अब मुनाफा दे रहे हैं और किसानों को इसका लाभ मिल रहा है।
सपा का नारा खाली प्लॉट हमारा: पाठक
ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि सपा का नारा खाली प्लॉट हमारा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में भारत दुनिया की 11वीं अर्थव्यवस्था था और आज चौथे स्थान पर खड़ा है। करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया गया है।
किसानों को छह प्रतिशत पर ऋण: राठौर
सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि एलडीबी से मिलने वाले ऋण की ब्याज दर घटाकर छह प्रतिशत की जाएगी। उन्होंने कहा कि कभी एलडीबी का ऋण 18 प्रतिशत ब्याज पर मिलता था। बाद में यह 14 प्रतिशत और फिर करीब 11 से साढ़े 11 प्रतिशत तक आया। अब इसे छह प्रतिशत किया जा रहा है।
राठौर ने कहा कि एलडीबी मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों को ऋण देता है, जिन्हें दूसरे बैंकों से आसानी से ऋण नहीं मिलता। छह प्रतिशत ब्याज दर होने के बाद एलडीबी देश में सबसे कम ब्याज दर पर ऋण देने वाले बैंकों में शामिल होगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों को सम्मान देने और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना लेकर आए हैं। उत्तर प्रदेश की सहकारिता कभी लूट और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई थी, लेकिन आज यह किसानों और नौजवानों के भरोसे और विश्वास का केंद्र बन रही है।
