Saturday, February 14, 2026

भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जानने के लिए सूरजकुंड मेले में जरूर पहुंचे : केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल


नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल शुक्रवार को 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में शामिल हुए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानना हो तो इस मेले में अवश्य पधारें। इस दौरान उन्होंने कुछ स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने लिखा कि कला, शिल्प, और संस्कृति की भव्य त्रिवेणी 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के साथ-साथ सांस्कृतिक संबंधों को भी बढ़ावा देती है। आज यह मेला केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश की पहचान बन चुका है और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को साकार कर रहा है। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानना हो तो इस मेले में अवश्य पधारें।

हाल ही में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में शामिल हुए थे। उन्होंने इस दौरान देश-विदेश से आए प्रतिभाशाली कलाकारों और कारीगरों से संवाद किया। सीएम ने कहा था कि यह मेला भारत की समृद्ध कला, संस्कृति और ग्रामीण परंपराओं की जीवंत पहचान है। यहां हर शिल्प, हर रंग और हर हस्तकला हमारे इतिहास और मेहनतकश कारीगरों की कहानी कहती है। सूरजकुंड मेला पारंपरिक शिल्पों को नया मंच देने और कारीगरों को सीधे अपने उत्पाद प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम बन रहा है। आइए, हम सब मिलकर अपनी विरासत को सम्मान दें और स्थानीय कारीगरों का हाथ मजबूत करें।

दूसरी तरफ बनारस से आए गुलाम ने 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव में सिल्क हैंडलूम साड़ियों का स्टॉल लगाया है। उन्होंने बताया कि मेले में आने वाले पर्यटकों से उन्हें बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और लोग पारंपरिक बनारसी हैंडलूम साड़ियों को खूब पसंद कर रहे हैं।

सूरजकुंड मेले में पहुंच रहे पर्यटकों के अनुसार, यहां पर एक ही मंच पर देश-विदेश की विविध संस्कृतियों को देखना और महसूस करना उन्हें बेहद अच्छा लगता है। एक महिला पर्यटक ने बताया कि वह पहली बार यहां आई हैं और मेले का माहौल उन्हें बेहद पसंद आ रहा है। रंग-बिरंगे स्टॉल, स्वादिष्ट व्यंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उनका अनुभव और भी खास बना दिया।

एक अन्य महिला पर्यटक ने बताया कि वह हर वर्ष सूरजकुंड मेले में आती हैं और यहां आकर जमकर शॉपिंग का आनंद लेती हैं। उनके अनुसार मेले की रौनक, विविध हस्तशिल्प और सांस्कृतिक माहौल उन्हें हर साल यहां खींच लाता है।

–आईएएनएस

डीकेएम/एससीएच


Related Articles

Latest News