कोलकाता, 7 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल भाजपा की ओर से आयोजित परिवर्तन यात्रा के तहत केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने श्रीरामपुर विधानसभा में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की जनता से पश्चिम बंगाल में परिवर्तन का संकल्प लेने और भाजपा सरकार बनाने का आह्वान किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि श्रीरामपुर की इस पवित्र भूमि से पश्चिम बंगाल में परिवर्तन का संकल्प लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक भूमि बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत का प्रतीक है। बंगाल का पहला समाचार पत्र यहीं से प्रकाशित हुआ था और यही स्थान एशिया के सबसे प्राचीन कॉलेजों में से एक का घर भी है। उन्होंने श्रीरामपुर के महेश में आयोजित विश्व प्रसिद्ध महेश रथ यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वयं वहां दर्शन करके आए हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बंगाल की अस्मिता और सांस्कृतिक गौरव की रक्षा करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी बंगाल की अस्मिता के नाम पर चुनाव जीतते थे, वही आज उस अस्मिता को खतरे में डाल रहे हैं।
वैष्णव ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज बंगाल में यह प्रश्न उठने लगा है कि दुर्गा पूजा और काली पूजा जैसे पारंपरिक त्योहार स्वतंत्र रूप से मनाए जा सकेंगे या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अवैध घुसपैठियों को आमंत्रित करके लाया जा रहा है, जिससे राज्य की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकताओं की आलोचना करते हुए, उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा को नजरअंदाज करते हुए मदरसा शिक्षा के लिए अधिक बजट आवंटित किया जा रहा है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि क्या यह राज्य के युवाओं के साथ विश्वासघात नहीं है, जिन्हें आधुनिक और तकनीकी शिक्षा की आवश्यकता है।
बार-बार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने महिलाओं को रात में बाहर न निकलने की सलाह दी थी। उन्होंने इस प्रकार की टिप्पणी को शर्मनाक बताया। उन्होंने जनता से सवाल किया कि क्या यही वह बंगाल है जिसकी लोगों ने कल्पना की थी। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बंगाल को सुरक्षित बनाना होगा और राज्य में वोट बैंक की राजनीति को समाप्त करना होगा।
वैष्णव ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के शासन में लक्ष्मी भंडार योजना के लाभार्थियों से भी कटमनी ली जाती है। उन्होंने कहा कि जो बंगाल कभी अपनी सांस्कृतिक और बौद्धिक उपलब्धियों के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध था, आज वही गंभीर अव्यवस्था का सामना कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि 12 वर्ष पहले की तुलना में आज रेलवे का बजट काफी बढ़ चुका है, जो बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में कोलकाता मेट्रो नेटवर्क में लगभग 45 किलोमीटर कार्य पूरा किया गया है, जिससे शहरी परिवहन व्यवस्था में महत्वपूर्ण विस्तार हुआ है। लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में सहयोग नहीं करती। उन्होंने चिंगरीघाटा परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि अदालत के निर्देश के बावजूद राज्य सरकार विकास कार्यों में बाधा डाल रही है, क्योंकि उनका एजेंडा विकास नहीं बल्कि कटमनी है।
संबंधन के दौरान वैष्णव ने घोषणा की कि श्रीरामपुर रेलवे स्टेशन के विकास कार्य अगले सप्ताह से शुरू होंगे और वह इसकी स्वीकृति की औपचारिक सूचना जिला भाजपा अध्यक्ष को देंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि मोदी सरकार क्षेत्र के और विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार की परियोजनाएं केंद्र सरकार की जनकल्याण और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता का उदाहरण हैं।
अन्य रुकी हुई परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नंदीग्राम रेलवे परियोजना में राज्य सरकार के सहयोग के अभाव के कारण कोई प्रगति नहीं हो पाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें वास्तव में जनता की चिंता है तो इस परियोजना को आगे बढ़ाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने गरीबों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की, लेकिन राजनीतिक विद्वेष और वोट बैंक की राजनीति के कारण राज्य सरकार ने इसे पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल चुनावी लाभ के लिए अवैध घुसपैठ को प्रोत्साहित कर रहा है, जो बंगाल के लोगों के दीर्घकालिक हितों के लिए हानिकारक है। संबोधन के अंत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने कम्युनिस्टों का शासन देखा है, कांग्रेस का शासन देखा है और अब तृणमूल कांग्रेस का शासन भी देख रही है। हर दौर में राज्य की स्थिति लगातार खराब होती गई है। ऐसी परिस्थिति में उन्होंने लोगों से बंगाल को बचाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने जनता से अपील की कि वे एक बार भारतीय जनता पार्टी को अवसर दें और बंगाल की अस्मिता की रक्षा तथा राज्य के पुनर्निर्माण के लिए संकल्प लें।
–आईएएनएस
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