Thursday, February 19, 2026

बांग्लादेश की कमान संभालते ही एक्शन में पीएम तारिक रहमान, अल्पसंख्यक समुदायों को सुरक्षा का दिया भरोसा


नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में नई सरकार की स्थापना हो चुकी है और देश को उनका नेता मिल चुका है। भारी अशांति और हिंसा देखने के बाद अब बांग्लादेश के लोगों को बदलाव का एक नया सूरज देखने को मिला। देश की कमान संभालते ही प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सख्त चेतावनी जारी कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए एकजुटता दिखाई। देश में अल्पसंख्यक समुदायों ने हिंसा की चरम सीमा पार होते हुए देखी है और भोगा है। ऐसे में ये नई सरकार उनके लिए आशा की एक किरण बन सकती है।

बांग्लादेशी मीडिया ढाका ट्रिब्यून की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री रहमान ने अपने संबोधन में जोर देते हुए कहा कि शांति और लोगों का भरोसा वापस लाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “पार्टी, धर्म, जाति या पंथ कुछ भी हो, हमारी सरकार की मुख्य प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाकर और भ्रष्टाचार को सख्ती से कंट्रोल करके लोगों के मन में शांति और सुरक्षा वापस लाना है।”

इस दौरान उन्होंने जुआ और नशीले पदार्थों के फैलने को लोगों की सुरक्षा खराब करने का बड़ा कारण बताया और ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा की। पीएम रहमान ने कहा कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों को पहले ही कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सभी संवैधानिक, सरकारी और प्राइवेट संस्थाएं कानूनी नीतियों और नियमों के अनुसार सख्ती से काम करेंगी। उन्होंने घोषणा की, “न पार्टी का असर, न इज्जत, न जबरदस्ती, राज्य चलाने में कानून का राज ही आखिरी होगा।”

बांग्लादेशी पीएम ने सबको साथ लेकर चलने पर जोर दिया और कहा, “चाहे कोई मुस्लिम हो, हिंदू हो, बौद्ध हो या ईसाई हो, धर्म से उसकी नागरिकता पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। जिन्होंने बीएनपी को वोट दिया और जिन्होंने नहीं दिया, आप सभी का इस सरकार पर बराबर हक है। हर किसी की अपनी पार्टी, धर्म और सोच हो सकती है, लेकिन देश सबका है। यह हम सबका देश है, जिसे हमें मिलकर आगे ले जाना है।”

सरकारी ऑफिस में ईमानदारी को बढ़ावा देने के मकसद से तारिक ने ऐलान किया कि बीएनपी के सांसद कुछ पारंपरिक सुविधाओं का फायदा नहीं उठाएंगे। उन्होंने कहा, “कैबिनेट की पहली बैठक में हमने तय किया कि कोई भी सांसद सरकारी फायदों के तहत टैक्स-फ्री गाड़ियां इंपोर्ट नहीं करेगा और प्लॉट का अलॉटमेंट नहीं करेगा।” इस फैसले को निष्पक्षता की झलक बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार नैतिक गवर्नेंस स्टैंडर्ड को बनाए रखने की कोशिश करेगी।

–आईएएनएस

केके/डीकेपी


Related Articles

Latest News