नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय संस्कृति सचिव और नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय के पूर्व निदेशक राघवेंद्र सिंह ने राम मंदिर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि साल 1949 में केंद्र सरकार ने तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार को भागवान राम की मूर्ति हटाने को कहा था।1949 में तत्कालीन मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार ने रामलला की मूर्ति को हटाने के लिए कहा था। इसके कुछ दिनों बाद खबर सामने आई कि रामलला की मूर्ति अचानक प्रकट हो गई। इसके बाद पाकिस्तान रेडियो ने यह खबर चलाई थी कि विभाजन के बाद एक खास समुदाय द्वारा खाली की गई जगह पर हिंदू कब्जा कर रहे हैं।
