पेरिस, 11 मई (आईएएनएस)। हंता वायरस से प्रभावित क्रूज शिप एमवी होंडियस पर सवार एक फ्रांसीसी महिला भी संक्रमण की चपेट में आ गई है। फ्रांस की स्वास्थ्य मंत्री स्टेफनी रिस्ट ने सोमवार को कहा कि हंता वायरस से प्रभावित क्रूज शिप एमवी होंडियस पर सफर करने वाली एक फ्रेंच महिला फ्रांस लौटने के दौरान संक्रमित पाई गई।
यह महिला उन पांच फ्रांसीसी नागरिकों में से एक थी, जिन्हें रविवार को क्रूज शिप से निकालकर फ्रांस वापस भेजा गया था। उन्हें वापस लाने के दौरान वायरस से संक्रमण के लक्षण दिखे।
रिस्ट ने कहा कि महिला की हालत रात भर में बिगड़ गई और उसे इलाज के लिए एक खास संक्रामक बीमारी वाले हॉस्पिटल में भेज दिया गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि फ्रांस में हंता वायरस के मामलों के 22 करीबी संपर्कों की पहचान की गई है और उन्हें आइसोलेट करने का आदेश दिया गया है।
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने कहा था कि रविवार को हंता वायरस से प्रभावित क्रूज शिप एमवी होंडियस पर सवार पांच फ्रांसीसी नागरिक फ्रांस लौट आए, जिनमें से एक को वापस लाने के दौरान लक्षण दिखे।
लेकोर्नू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि पांचों फ्रांसीसी यात्री रविवार दोपहर को एक मेडिकल इवैक्युएशन फ्लाइट से फ्रांस पहुंचे और उन्हें अगली सूचना तक तुरंत कड़े आइसोलेशन में रखा गया।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मेडिकल सुविधाएं मिल रही हैं। उनके टेस्ट और स्वास्थ्य आकलन किए जाएंगे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हंता वायरस घातक जूनोटिक वायरस हैं, जो आम तौर पर चूहों को संक्रमित करते हैं और कभी-कभी इंसानों में भी फैल जाते हैं। लोगों में इन्फेक्शन से गंभीर बीमारी और अक्सर मौत हो सकती है। हालांकि, ये बीमारियां वायरस के टाइप और जगह के हिसाब से अलग-अलग होती हैं।
अमेरिका में, संक्रमण से हंता वायरस कार्डियोपल्मोनरी सिंड्रोम (एचसीपीएस) होता है, जो फेफड़ों और दिल पर असर डालने वाली एक तेजी से बढ़ने वाली बीमारी है, जबकि यूरोप और एशिया में हंता वायरस से रीनल सिंड्रोम के साथ हैमरेजिक फीवर (एचएफआरएस) होता है, जो मुख्य रूप से किडनी और खून की नसों पर असर डालता है।
हंता वायरस बीमारियों का कोई खास इलाज नहीं है, लेकिन बचने की संभावना को बेहतर बनाने के लिए शुरुआती सपोर्टिव मेडिकल केयर जरूरी है। इसमें सांस, दिल और किडनी की दिक्कतों की करीबी क्लिनिकल मॉनिटरिंग और मैनेजमेंट पर ध्यान दिया जाता है। रोकथाम काफी हद तक लोगों और इन्फेक्टेड चूहों के बीच संपर्क कम करने पर निर्भर करती है।
इंसानों में हंता वायरस संक्रमित चूहों के गंदे पेशाब, बीट या लार के संपर्क में आने से फैलता है। इन्फेक्शन चूहों के काटने से भी हो सकता है, हालांकि यह आम नहीं है। ऐसे काम जिनमें चूहों के संपर्क में आना शामिल है, जैसे बंद या खराब हवादार जगहों की सफाई, खेती, जंगल का काम और चूहों से भरे घरों में सोना, इनसे संपर्क का खतरा बढ़ जाता है।
–आईएएनएस
केके/एबीएम
