राजदूत अजीत ने चांसलर मर्ज के चीफ ऑफ स्टाफ से की मुलाकात, भारत-जर्मनी साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा

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बर्लिन, 9 जुलाई (आईएएनएस)। जर्मनी में भारत के राजदूत अजीत गुप्ते ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के चीफ ऑफ स्टाफ फिलिप बिरकेनमायर से फेडरल चांसलरी में मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी की मौजूदा प्रगति पर चर्चा की। साथ ही दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर बात की।

बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “राजदूत अजीत गुप्ते ने 8 जुलाई को फेडरल चांसलरी में चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के चीफ ऑफ स्टाफ डॉ. फिलिप बिरकेनमायर से मुलाकात की। दोनों ने भारत और जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी में आई शानदार प्रगति की समीक्षा की और कई अहम क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर विचार साझा किए।”

पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात की थी। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और जर्मनी के बीच सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।

विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और इस बात पर खुशी जताई कि इस साल की शुरुआत में चांसलर मर्ज की भारत यात्रा और भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की बातचीत पूरी होने के बाद भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिली है।

साल 2026 में भारत और जर्मनी अपने राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज ने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, हरित और टिकाऊ विकास, तकनीक, नवाचार, शिक्षा और लोगों की आवाजाही जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

यह इस साल दोनों नेताओं की दूसरी मुलाकात थी। इस दौरान उन्होंने रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप पर हस्ताक्षर और जर्मनी से होकर दूसरे देशों की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए ट्रांजिट वीजा छूट लागू होने का भी स्वागत किया।

चांसलर मर्ज ने प्रधानमंत्री मोदी को इस साल के अंत में जर्मनी में होने वाली 8वीं भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श (आईजीसी) बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

पिछले महीने जर्मनी ने घोषणा की थी कि अब भारतीय नागरिकों को जर्मनी के किसी हवाई अड्डे पर रुककर दूसरे देश जाने के लिए ट्रांजिट वीजा की जरूरत नहीं होगी।

भारतीय दूतावास के अनुसार, यह फैसला इसी साल जनवरी में चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत यात्रा का नतीजा है। इससे दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही आसान होगी, आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे और भारत-जर्मनी रिश्तों को नई मजबूती मिलेगी।

–आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

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