'धीरे-धीरे वापसी कर रही हूं…' स्वास्थ्य संघर्ष के बीच पद्म भूषण मिलने पर भावुक हुईं अलका याग्निक


मुंबई, 24 जून (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा की मशहूर पार्श्व गायिका अलका याग्निक ने अपने लंबे स्वास्थ्य संघर्ष और रिकवरी के सफर को लेकर भावुक बातें शेयर कीं। देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक भावनात्मक संदेश लिखा, जिसमें पिछले दो वर्षों के कठिन दौर और प्रशंसकों के प्यार व समर्थन का जिक्र किया।

अलका याग्निक ने इंस्टाग्राम पर पद्म पुरस्कार समारोह की तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से सम्मान प्राप्त करती नजर आ रही हैं। इस खास मौके पर उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों से वह सार्वजनिक कार्यक्रमों और मीडिया की चकाचौंध से दूर थीं।

अपने संदेश में अलका ने लिखा, “पिछले दो सालों से मैं लोगों की नजरों से दूर रही हूं। मैंने अपनी निजी यात्रा के बारे में ज्यादा कुछ साझा नहीं किया। आपमें से कई लोग जानते हैं कि मैं स्वास्थ्य संबंधी मुश्किल दौर से गुजर रही हूं। इस दौरान आपका प्यार, दुआएं, संदेश और अटूट समर्थन हर कदम पर मेरे साथ रहा।”

पद्म भूषण मिलने पर उन्होंने कहा, “आज जब मैं देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म भूषण प्राप्त करने के लिए सामने आई, तो मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ था। यह सम्मान मेरे नाम पर जरूर है, लेकिन उतना ही उन करोड़ों श्रोताओं का भी है जिन्होंने मेरी आवाज को अपनाया, मेरे गीतों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाया और जीवन के हर उतार-चढ़ाव में मेरा साथ दिया।”

अलका याग्निक ने कहा कि यह पल उनके लिए केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि उम्मीद, प्रेम और हौसले की ताकत का प्रतीक भी है। उन्होंने लिखा, “मैं धीरे-धीरे अपनी जिंदगी की सामान्य राह पर लौट रही हूं। मैं आज यहां सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए मौजूद हूं जो इस सफर का हिस्सा रहे हैं।”

उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्रालय और भारत सरकार का भी आभार व्यक्त किया। अलका याग्निक ने कहा कि वह इस सम्मान को पूरी विनम्रता और सम्मान के साथ स्वीकार करती हैं।

बता दें कि जून 2024 में अलका याग्निक ने बताया था कि वह सेंसरिन्यूरल नर्व हियरिंग लॉस से जूझ रही हैं। यह समस्या एक वायरल संक्रमण के कारण हुई थी। उन्होंने बताया था कि फ्लाइट से उतरने के बाद अचानक उनकी सुनने की क्षमता प्रभावित हो गई थी। इसके बाद उन्होंने प्रशंसकों और संगीतकारों को तेज आवाज वाले संगीत और लंबे समय तक हेडफोन के इस्तेमाल से सावधान रहने की सलाह भी दी थी।

पद्म भूषण सम्मान ग्रहण करने के दौरान अलका याग्निक एक सहायक के सहारे चलते हुए दिखाई दीं, जिसे देखकर उनके प्रशंसकों ने उनकी सेहत को लेकर चिंता भी जताई।

चार दशक से अधिक लंबे करियर में अलका याग्निक ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार गीत दिए हैं। ‘एक दो तीन’, ‘टिप टिप बरसा पानी’, ‘चुरा के दिल मेरा’, ‘ताल से ताल मिला’, ‘कुछ कुछ होता है’ और ‘अगर तुम साथ हो’ जैसे सुपरहिट गानों ने उन्हें भारतीय संगीत जगत की सबसे सफल और लोकप्रिय गायिकाओं में शामिल किया है।

–आईएएनएस

वीकेयू/एएस


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