Tuesday, January 27, 2026

अखिलेश यादव ने बताया, क्या है एसआईआर का असली मकसद?


कोलकाता, 26 जनवरी (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा का घेराव किया।

अखिलेश यादव ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया को वोटरों की संख्या को बढ़ाने के मकसद से नहीं, बल्कि घटाने के ध्येय से शुरू किया गया है। चुनाव आयोग से यह उम्मीद की जाती है कि वो निष्पक्ष होकर काम करें, लेकिन मौजूदा समय में आयोग के रुख में इस तरह की स्थिति देखने को नहीं मिल रही है।

उन्होंने दावा किया कि जहां-जहां भाजपा हार रही है, वहां पर एसआईआर की प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। ये नफरत और दरार पैदा करने वाले लोग हैं, लेकिन इनको यह पता नहीं है कि पश्चिम बंगाल सांस्कृति का केंद्र बिंदु है। यहां से यह संदेश दिया गया था कि हम लोग एकजुट हैं। दीदी से ईडी हार चुकी है। ईडी पराजय हो चुकी है। भाजपा को सफलता नहीं मिलने वाली है। उनकी हार तय है।

साथ ही, उन्होंने कहा कि भाजपा का वो दौर भी देखा है, जब ये लोग मुख्यमंत्री आवास को गंगा जल से धो रहे थे। क्या ये बातें हिंदुस्तान में संभव है। इन लोगों की विभाजित करने वाली राजनीति सफल नहीं होने वाली है। इस बार इन लोगों को पश्चिम बंगाल में हार का मुंह देखना होगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लोग कितने समझदार हैं, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अगर पश्चिम बंगाल में एक करोड़ वोट कटे हैं तो उत्तर प्रदेश में चार करोड़ वोट कटे हैं। ये लोग दावा करते हैं कि हम देश को डिजिटल इंडिया बनाना चाहते हैं, लेकिन आज की तारीख में इन लोगों को खुद ही अपना एप समझ नहीं आ रहा है। अब सवाल है कि आखिर कौन लोग इन्हें तकनीकी सहायता दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा को हिंदू धर्म से कोई लेना देना नहीं है। शंकराचार्य के साथ पुलिस ने कैसे व्यवहार किया। उनके रथ को पुलिस ने धक्का मारा, क्योंकि सरकार हर काम अपने हिसाब से चलाना चाहती है। इससे पूरा देश दुखी है।

–आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी


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