लखनऊ, 18 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1990 की घटना का जिक्र करते हुए साफ कहा था कि उस समय समाजवादी पार्टी की सरकार में शंकराचार्य की पिटाई हुई थी। राजभर ने कहा कि सपा नेताओं को याद करना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ था।
यह बात उन्होंने तब कही, जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए टिप्पणी की थी, “जा की खुद की सोच हो तंग अउर छोटी, वा को दुनिया भर की नीयत लागे खोटी।”
राजभर ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने जो कहा, वह सही है। उन्होंने अखिलेश यादव के लिए कहा कि भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें ताकि वे कोई भी बात कहने से पहले सोच-समझकर बोलें। अखिलेश यादव अक्सर कुछ और कहते हैं और करते कुछ और हैं।
गौरतलब है कि ब्रजेश पाठक का वीडियो पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा था, “छोटे दे रहे बड़े को श्राप, कुकर्मों का पड़ेगा पाप।”
वहीं फॉर्म-7 के मुद्दे पर सपा द्वारा उठाए गए सवालों पर राजभर ने कहा कि विपक्ष को पहले से ही निराशा महसूस होने लगी है। उन्होंने दावा किया कि बिहार चुनाव के बाद सपा को लग गया है कि 2027 में वे उत्तर प्रदेश में सत्ता में नहीं आएंगे। राजभर ने कहा कि पहले ईवीएम का बहाना बनाया जा रहा था और 2027 के बाद हार का कारण मतदाता सूची से नाम कटने को बताया जाएगा।
एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को लेकर राजभर ने प्रधानमंत्री की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि देश के नेतृत्व की सोच हमेशा युवाओं को रोजगार देने और उनके माध्यम से देश के विकास को आगे बढ़ाने की रही है।
वहीं, मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि उनका कहना सही है। उन्होंने कहा कि इतिहास में परिस्थितियों के अनुसार लोगों ने इस्लाम को अपनाया था और वापसी को लेकर कही गई बात भी उचित है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि भारतीय मुस्लिम भी हिंदू मूल के हैं और उनकी घर वापसी होनी चाहिए।
–आईएएनएस
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