नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में आए इंडस्ट्री लीडर्स ने सोमवार को कहा कि एआई लग्जरी नहीं, बल्कि जरूरत है और यह भारत में अधिक लोगों तक सुविधाओं की पहुंच को आसान बनाएगा।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए क्यूर एआई के संस्थापक सदस्य और चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर अंकित मोदी ने कहा, “बड़ी आबादी के कारण भारत में एआई के विकास को लेकर काफी संभावनाएं हैं। एआई लग्जरी नहीं, बल्कि जरूरत है। हमें बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचना है, लेकिन देश में इतने एक्सपर्ट्स मौजूद नहीं है। ऐसे में जब मौजूदा एक्सपर्ट्स के साथ एआई जुड़ जाएगा, तो यह अधिक लोगों तक पहुंचने में मदद करेगा।”
मेडिकल क्षेत्र में काम कर रही क्यूर एआई के बारे में बताते हुए अंकित मोदी ने कहा, “एआई से भारत को बड़ा फायदा होगा। हमने देखा है कि जब हम राज्य स्तरीय पायलट प्रोजेक्ट या सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों के साथ स्वास्थ्य सेवा पायलट प्रोजेक्ट चलाते हैं, तो हम 35 प्रतिशत अधिक टीबी रोगियों का पता लगाने में सक्षम होते हैं। यह न केवल रोगी के लिए, बल्कि उनके प्रियजनों, मित्रों और परिवार के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है।”
प्रिवासैपियन के सीईओ और फाउंडर अभिलाष सुंदरराजन ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “भारत में एआई तेजी से बढ़ रहा है। इसकी वजह उपभोक्ताओं का एआई पर निर्भर बढ़ना है। ऐसे में सभी प्रकार की इंडस्ट्री के लिए एआई काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। इससे बिजनेस करने की लागत में काफी कमी आएगी, साथ उत्पादकता भी काफी बढ़ेगी।”
अमेरिका से 20 साल बाद लौटे एटलांटो एआई के सीईओ और संस्थापक हरीश अमरावतकर ने कहा कि मैंने अमेरिका से भारत आकर एआई स्टार्टअप शुरू किया है। मौजूदा समय में भारत एक ऐसी जगह है, जहां स्टार्टअप शुरू कर उसे वैश्विक स्तर तक ले जाना आसान है। इस समिट से युवा लोगों को अनुभवी लोगों के साथ मिलने का मौका मिलेगा। यह भारतीय लोगों के लिए एक बड़ा अवसर है।
एसोसिएशन ऑफ चार्टेड सर्टिफाइड अकाउंटेंट्स (एसीसीए) में पॉलिसी डेवलपमेंट के ग्लोबल हेड नारायणन वैद्यनाथन ने कहा कि यह एक काफी अच्छी समिट है। यहां 100 से ज्यादा देश आए हुए हैं। यह मौजूदा समय को देखते हुए काफी जरूरी है। इससे शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच साझेदारी मजबूत होगी।
–आईएएनएस
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