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अहमदाबाद, 3 जुलाई (केसरिया न्यूज़)। अदाणी ग्रुप वैश्विक संस्थागत निवेशकों और भारत के बड़े म्यूचुअल फंड्स को आकर्षित करने में सफल रहा है और यह ग्रुप को लेकर निवेशकों के सेंटीमेंट में स्पष्ट बदलाव को दिखाता है।
अदाणी ग्रुप की मुख्य कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एआईएल) बीते एक वर्ष में निवेशकों से फ्रैश इक्विटी के जरिए करीब 40,000 करोड़ रुपए जुटाने सफल रही है। वहीं, कई बड़े वैश्विक और घरेलू निवशकों ने समूह की कई सूचीबद्ध कंपनियों में हिस्सेदारी को बढ़ाया है।
अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) ने इस हफ्ते अपने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) का साइज बढ़ाकर 15,000 करोड़ रुपए कर दिया था। कंपनी को इसके लिए लगभग 38,000 करोड़ रुपए की बोलियां मिलीं, जो बेस इश्यू साइज का 3.8 गुना है। यह फंड जुटाने की प्रक्रिया कंपनी के 25,000 करोड़ रुपए के राइट्स इश्यू के एक साल से भी कम समय में हुई है, जिससे पिछले एक साल में जुटाई गई कुल इक्विटी कैपिटल लगभग 40,000 करोड़ रुपए हो गई है।
ताजा फंड जुटाने की प्रक्रिया में कई बड़े संस्थागत निवशकों ने भाग लिया, जिनमें कैपिटल ग्रुप, गोल्डमैन सैश, ब्लैकरॉक, ब्लैकस्टोन और नोमुरा शामिल हैं। घरेलू स्तर पर भी बड़ी संख्या में निवेशकों ने भाग लिया। इसमें एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, एसबीआई म्यूचुअल फंड और टाटा म्यूचुअल फंड शामिल थे।
इस डील से जुड़े लोगों ने बताया कि इश्यू के औपचारिक रूप से खुलने से पहले ही ऑर्डर बुक पूरी तरह भर गई थी। बैंकरों का कहना था कि निवेशक शेयर पाने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। कंपनी ने पहले 10,000 करोड़ रुपए के बेस साइज के साथ क्यूआईपी लॉन्च किया था, लेकिन जबरदस्त मांग को देखते हुए इसे बढ़ाकर 15,000 करोड़ रुपए कर दिया।
फंड जुटाने की यह प्रक्रिया अदाणी ग्रुप के प्रति निवेशकों की सोच में आए बड़े बदलाव का ताजा संकेत है। एक समय ऐसा भी था जब कई संस्थागत निवेशक अदाणी ग्रुप के शेयरों को पसंद नहीं करते थे, लेकिन अब ये शेयर ग्लोबल फंड और घरेलू एसेट मैनेजरों के बीच सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले शेयरों में से एक बन गए हैं।
पिछले एक साल में, अदाणी एंटरप्राइजेज के साथ-साथ अदाणी पावर, अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और अदाणी ग्रीन एनर्जी जैसी कंपनियों में फंड जुटाने और सेकेंडरी ट्रांजैक्शन में बड़े संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया है। निवेशकों की इस लिस्ट में लगातार दुनिया के कुछ सबसे बड़े एसेट मैनेजर और लगभग सभी बड़े घरेलू म्यूचुअल फंड शामिल रहे हैं, जो ग्रुप के लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट पाइपलाइन में बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
यह नई मांग तब आई है जब अमेरिका के एक फेडरल जज ने अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के खिलाफ आपराधिक आरोपों को औपचारिक रूप से हटाने पर रोक लगा दी है और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस को केस वापस लेने के अपने फैसले को सही ठहराने का निर्देश दिया है। संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी से पता चलता है कि निवेशक ग्रुप के ऑपरेटिंग बिजनेस, कैपिटल एलोकेशन और ग्रोथ की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।
ग्रुप की मुख्य कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज एयरपोर्ट, एआई और डेटा सेंटर, सोलर और विंड इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग, सड़क, पीवीसी, मेटल और माइनिंग जैसे क्षेत्रों में अपने बिजनेस का विस्तार कर रही है।
क्यूआईपीसे एक दिन पहले, कंपनी ने भारत का सबसे बड़ा एल्युमीनियम मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए आईएचसी के साथ 11.5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की, जो भारत के मेटल और माइनिंग सेक्टर में घोषित अब तक का सबसे बड़ा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) है।
–केसरिया न्यूज़
