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मुंबई, 6 अगस्त (केसरिया न्यूज़)। वंचित समुदायों की मदद करने के लिए, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी के 2,500 से ज्यादा कर्मचारियों ने सोशल वेलफेयर पहल के तहत बड़ी मात्रा में कपड़े दान किए।
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने अपने डिस्ट्रीब्यूशन एरिया में रहने वाले जरूरतमंद समुदायों के लिए कर्मचारियों से कपड़े दान करने का अनुरोध किया था।
इसके परिणामस्वरूप,अदाणी इलेक्ट्रिसिटी के 2,500 से अधिक कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बड़ी मात्रा में कपड़े दान किए। दान में प्राप्त वस्त्रों को अदाणी इलेक्ट्रिसिटी के वितरण क्षेत्रों के विभिन्न समुदायों और पाड़ों में विचारपूर्वक वितरित किया गया। यहां गोरेगांव स्थित आरे कॉलोनी के मोराचा पाड़ा के निवासी, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी टीम से कपड़े प्राप्त करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, मुंबई की अग्रणी बिजली वितरण कंपनी ने आपदा प्रबंधन तैयारियों को और मजबूत किया है। यह कदम मानसून सीजन के दौरान संभावित चुनौतियों और बिजली आपूर्ति में व्यवधान से अपने 3.2 मिलियन उपभोक्ताओं को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है।
मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने सेंट्रल डिजास्टर कंट्रोल सेंटर (सीडीसीसी) को सक्रिय कर दिया है। यह केंद्र चौबीसों घंटे काम करेगा और पूरे मानसून के दौरान त्वरित कार्रवाई, समन्वय और संचार सुनिश्चित करेगा।
बिजली वितरण नेटवर्क में सात क्विक रिस्पॉन्स टीमों (क्यूआरटी) को रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है। इन टीमों को मानसून से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए विशेष प्रतिक्रिया, रिकवरी और सेवा बहाली योजनाओं से सुसज्जित किया गया है।
बाढ़ जैसी परिस्थितियों पर नजर रखने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर 98 अत्याधुनिक जल स्तर सेंसर लगाए गए हैं, जिन्हें एडवांस्ड डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा गया है।
इससे जलभराव से संबंधित विद्युत समस्याओं का पूर्वानुमान लगाने और समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
सेंट्रल डिजास्टर कंट्रोल सेंटर (सीडीसीसी) अत्याधुनिक सैटेलाइट और वायरलेस तकनीकों, वॉकी-टॉकी और रिमोट डिवाइसेज की मदद से विभिन्न विभागों तथा बाहरी एजेंसियों के साथ निर्बाध संचार सुनिश्चित करेगा। इससे सेवा बाधित होने की अवधि कम होगी और घटनाओं का प्रभावी प्रबंधन संभव हो सकेगा।
–केसरिया न्यूज़
