जम्मू-कश्मीर: पीएमजेएवाई-सेहत स्कीम के तहत धोखाधड़ी के आरोप पर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई

[ad_1]

202606203832020

जम्मू-कश्मीर, 20 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से सरकारी मेडिकल कॉलेज में तैनात एक कार्डियोलॉजिस्ट के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डॉक्टर पर पीएमजेएवाई-सेहत स्कीम के तहत धोखाधड़ी से क्लेम करने, मेडिकल रिकॉर्ड में हेरफेर, प्रक्रिया में गड़बड़ी और मरीजों के शोषण के आरोप हैं।

सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक, डॉक्टर पर जम्मू-कश्मीर सिविल सर्विस नियमों के तहत आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि डॉक्टर ने इंश्योरेंस क्लेम पाने के लिए कार्डियक प्रक्रियाओं (जैसे पेसमेकर से जुड़े इलाज) के बारे में गलत जानकारी दी, खरीद के नियमों को नजरअंदाज किया और ऐसी प्रक्रियाएं कीं जिनके लिए कोई स्थापित मेडिकल आधार नहीं था।

जांच में यह भी पता चला है कि कैशलेस इलाज के हकदार लाभार्थियों का आर्थिक शोषण किया गया और प्राइवेट वेंडरों से मेडिकल इम्प्लांट की अनियमित खरीद की गई। ऑडिट के नतीजों, मरीजों के रिकॉर्ड और धोखाधड़ी-रोधी जांच के आधार पर, विभाग ने डॉक्टर से लिखित जवाब मांगा है और चेतावनी दी है कि अगर आरोप साबित होते हैं, तो नौकरी से हटाने समेत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

बीते दिन 19 जून को ‘आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई सेहत’ योजना से जम्मू-कश्मीर के प्राइवेट अस्पतालों के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस योजना को फिर से शुरू करने के लिए 175 करोड़ रुपए का पैकेज जारी किया था। साथ ही अलग-अलग अस्पतालों के बकाया बिलों का जल्द भुगतान करने का भरोसा दिलाया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला सरकार की ओर से लंबे समय से लंबित रीइम्बर्समेंट क्लेम (खर्च की भरपाई के दावे) के निपटारे के लिए 175 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी देने के बाद लिया गया।

अधिकारियों ने कहा था कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने पैनल में शामिल प्राइवेट हेल्थकेयर संस्थानों के बकाया भुगतान को चुकाने के लिए 175 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

–आईएएनएस

एसडी/पीएम

[ad_2]

Related Articles

Latest News