Sunday, February 22, 2026

कोडेक्स समिति ने 5 मसालों के लिए गुणवत्ता मानकों को दिया अंतिम रूप


नई दिल्ली, 3 फरवरी (आईएएनएस)। कोच्चि में आयोजित मसालों और जड़ी-बूटियों पर कोडेक्स समिति (सीसीएससीएच) के 7वें सत्र में 5 मसालों, छोटी इलायची, हल्दी, जुनिपर बेरी, ऑलपाइस और स्टार ऐनीज के लिए गुणवत्ता मानकों को अंतिम रूप दिया गया है।

सीसीएससीएच ने इन पांच मानकों को कोडेक्स एलिमेंटेरियस कमीशन (सीएसी) को भेज दिया है और उन्हें अंतिम चरण 8 में पूर्ण कोडेक्स मानकों के रूप में अपनाने की सिफारिश की है।

29 जनवरी 2024 से 2 फरवरी 2024 तक आयोजित सीसीएससीएच के 7वें सत्र में 31 देशों के 109 प्रतिनिधियों ने भाग लिया और यह कोविड 19 महामारी के बाद इस समिति का पहला सत्र था।

आधिकारिक बयान के अनुसार समिति में पहली बार मसालों के समूहीकरण की रणनीति को सफलतापूर्वक लागू किया गया। समिति ने सत्र में फलों और जामुनों से प्राप्त मसालों (3 मसालों, जैसे जुनिपर बेरी, ऑलस्पाइस और स्टार ऐनीज) के लिए पहले समूह मानक को अंतिम रूप दिया।

वेनिला के लिए मसौदा मानक चरण 5 में आगे बढ़ गया है और समिति के अगले सत्र में चर्चा के लिए उठाए जाने से पहले सदस्य देशों द्वारा इसकी एक और दौर की जांच की जाएगी।

सूखे धनिये के बीज, बड़ी इलायची, मीठी मरजोरम और दालचीनी के लिए कोडेक्स मानकों के विकास के प्रस्ताव समिति के समक्ष रखे गए और स्वीकार कर लिए गए। बयान में कहा गया है कि समिति अपने आगामी संस्करणों में इन चार मसालों के लिए मसौदा मानकों पर काम करेगी।

सीसीएससीएच के 7वें सत्र में पहली बार बड़ी संख्या में लैटिन अमेरिकी देशों की भागीदारी देखी गई।

समिति की अगली बैठक 18 महीने की अवधि के बाद आयोजित की जाएगी।

अंतरिम इलेक्ट्रॉनिक कार्य समूहों के दौरान विभिन्न देशों की अध्यक्षता में बहुराष्ट्रीय परामर्श की प्रक्रिया जारी रहेगी, जिसका उद्देश्य विज्ञान आधारित साक्ष्यों पर भरोसा करते हुए मानकों को विकसित करना है।

सीएसी विभिन्न सदस्य देशों द्वारा आयोजित सीसीएससीएच सहित विभिन्न कोडेक्स समितियों के माध्यम से अपना काम करती है।

मसालों और पाक जड़ी-बूटियों पर कोडेक्स समिति (सीसीएससीएच) की स्थापना 2013 में कोडेक्स एलिमेंटेरियस कमीशन (सीएसी) के तहत कमोडिटी समितियों में से एक के रूप में की गई थी।

भारत शुरू से ही इस प्रतिष्ठित समिति की मेजबानी करता है और स्पाइसेस बोर्ड इंडिया सचिवालय संगठन के रूप में कार्य करता है जो समिति के सत्रों का आयोजन करता है।

–आईएएनएस

एमकेएस/एबीएम


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