झारखंड के पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार ने कहा कि सत्तारूढ़ झामुमो ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी जिसकी वजह से राज्यपाल को इस मामले में निर्णय लेने के लिए विधिक राय की जरूरत पड़ गई। इसी वजह से नई सरकार के गठन के लिए बुलावा देने पर राजभवन की ओर से देर हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में विधायक दल की बैठक हुई थी।
