महिला ने जब देखा कि बीमार पड़ने पर भी बच्चे हालचाल लेने नहीं आए और ना कभी संपर्क में रहने की कोशिश की तो उसने अपना इरादा बदल दिया। बच्चों द्वारा दरकिनार किए जाने से आहत महिला ने अपनी सारी संपत्ति और पैसे कुत्ते और बिल्ली के नाम डाला। महिला का ये मानना था कि जब उसके साथ कोई नहीं था तब भी उसके कुत्ते-बिल्ली ने साथ निभाया।
