Monday, February 23, 2026

दिल्ली के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना


नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को कहा कि अगले दो दिनों के दौरान उत्तर भारत के कई स्थानों पर घने कोहरे की स्थिति बनी रहने की संभावना है और उसके बाद तीव्रता और अवधि में कमी आएगी।

आईएमडी ने आगे भविष्यवाणी की कि अगले दो दिनों के दौरान उत्तर भारत में ठंडे दिन से लेकर गंभीर ठंडे दिन की स्थिति बनी रहने और उसके बाद तीव्रता में कमी आने की संभावना है।

अपने दैनिक बुलेटिन में, मौसम पूर्वानुमान एजेंसी ने कहा कि उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली के मैदानी इलाकों के अधिकांश हिस्सों में, उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में न्यूनतम तापमान 3-6 डिग्री सेल्सियस के बीच है, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों, बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के अधिकांश हिस्सों में 7-10 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।

आईएमडी ने कहा, “उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के मैदानी इलाकों के कई हिस्सों और बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में ये सामान्य से 2-4 डिग्री सेल्सियस नीचे हैं। आज सबसे कम न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस कानपुर में दर्ज किया गया।”

आईएमडी ने चेतावनी दी कि गुरुवार से 30 जनवरी की सुबह के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ या कई हिस्सों में रात/सुबह में कुछ घंटों के लिए घने कोहरे की स्थिति बनी रहने की संभावना है।

आईएमडी ने कहा, ”दिल्ली के कुछ हिस्सों में गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। गुरुवार की रात और शनिवार की सुबह के दौरान उत्तराखंड और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में रात/सुबह कुछ घंटों के लिए घने कोहरे की स्थिति बने रहने की भी संभावना है।”

आईएमडी ने कहा कि गुरुवार और शनिवार के दौरान पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में शीत लहर की स्थिति होने की संभावना है।

गुरुवार और शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी ऐसे ही हालात रहने की संभावना है।

आईएमडी ने कहा, “गुरुवार की रात और शुक्रवार की सुबह के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर ग्राउंड फ्रॉस्ट की स्थिति होने की संभावना है।”

–आईएएनएस

पीके/एसकेपी


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