देशभक्ति के अर्थ बदल गए हैं। उग्र राष्ट्रवाद ने देशभक्ति की जगह ले ली है। मोदी राष्ट्र के पर्याय बन गए हैं और देशभक्ति का कोई भी कृत्य मोदी के समर्थन में होना चाहिए अन्यथा आप देशद्रोही करार दे दिए जाएंगे। आप न तो विदेश नीति की आलोचना कर सकते हैं और न ही किसी हिस्से पर चीनी कब्जे के बारे में बात कर सकते हैं।
