मध्य प्रदेश में राजस्व बढ़ाने वाली सड़कों पर जोर


भोपाल, 12 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में सड़क निर्माण में अब राजस्व बढ़ाने वाले माॅडल पर अमल की तैयारी है। ऐसा होने से निर्माण कार्य की लागत निकलने के साथ ही शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि सड़कें प्रदेश के विकास का द्वार है। जिन क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण होता है, वहां आवासीय और औद्योगिक विकास होता है। अगले 10 वर्ष में विकास की गति को देखते हुए शहरों का चयन करें और भविष्य में विकास की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान कर सड़क निर्माण की योजना बनाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि क्वालिटी कार्य करने वाली अच्छी एजेंसियों को कार्य दें। क्वालिटी कंट्रोल और मॉनिटरिंग के लिए राज्यस्तरीय ऑनलाइन क्वालिटी स्टेटस डैशबोर्ड बनाएं। क्वालिटी लैब विकसित करने के साथ ही थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट कराएं। 50 लाख रुपए से अधिक की लागत वाले निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए मॉनिटरिंग सेल बनाए।

इसके साथ ही दूसरे देश और राज्यों की सड़क निर्माण की बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन करें और प्रेरणा लें। अधोसंरचना के क्षेत्र में कार्य करने वाली बड़ी संस्थाओं से भी चर्चा करें। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि एनएचआई जैसे निर्माण संस्थाओं से प्रेरणा लेकर रेवेन्यू जेनरेशन मॉडल पर कार्य करने की योजना बनाएं, जिससे निर्माण कार्य की लागत निकलने के साथ ही शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी। इसी तरह समग्र विकास की परिकल्पना पर कार्य करते हुए सड़क निर्माण, भवन निर्माण और पुल निर्माण आदि गतिविधियों में प्राधिकरण, नगरीय निकाय, पर्यटन विभाग, संस्कृति विभाग आदि को योजना में शामिल करें। उनसे आवश्यक सुझाव लें और योजना बनाएं।

–आईएएनएस

एसएनपी/एबीएम/


Related Articles

Latest News