नई उम्मीदों का नया साल, अपने समक्ष चुनौतियों का समाधान निकालने में फिर सफल होगा भारत

राजनीतिक कारणों से देश के मानस को अलगाववादी बनाना घोर आपत्तिजनक है। जनसंख्या वृद्धि के कारण अनेक समस्याएं जन्म लेती हैं। संसाधन घटते जाते हैं। 2023 में जनसंख्या वृद्धि की राष्ट्रीय चुनौती पर विशेष चर्चा नहीं हुई। समय के साथ प्रदूषण की समस्या विकराल होती जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तो सांस लेना कठिन है। इसने तमाम बीमारियों को जन्म दिया है।

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