नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के पूर्व क्रिकेटर एमवी बॉबजी नरसिम्हा राव का रिकॉर्ड घरेलू क्रिकेट में कमाल का रहा। इसके बावजूद उन्हें भारत की ओर से सिर्फ चार टेस्ट मैचों में ही देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। हालांकि, उन्होंने आयरलैंड में क्रिकेट को बढ़ावा देने जैसे सामुदायिक सेवा कार्यों के लिए एमबीई (मेंबर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एंपायर) से सम्मानित किया गया।
नरसिम्हा राव का जन्म 11 अगस्त, 1954 को हैदराबाद में हुआ। नरसिम्हा को शुरुआत से ही क्रिकेट के प्रति खास लगाव था और जल्द ही उन्होंने इस खेल में अपना करियर बनाने का फैसला किया। घरेलू क्रिकेट में नरसिम्हा का प्रदर्शन लाजवाब रहा। उन्होंने 108 फर्स्ट क्लास मैचों में खेली 146 पारियों में 40 की औसत से खेलते हुए 4,845 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान 9 शतक और 30 अर्धशतक भी लगाए। वहीं, गेंदबाजी में उन्होंने 28 की औसत से 245 विकेट निकाले। लिस्ट-ए क्रिकेट में खेले 18 मुकाबलों में उन्होंने 292 रन बनाए। साल 1987 में नरसिम्हा ने अपनी कप्तानी में हैदराबाद को रणजी ट्रॉफी का खिताब दिलाया।
नरसिम्हा ने भारत के लिए अपना टेस्ट डेब्यू साल 1979 में वेस्टइंडीज के खिलाफ किया। हालांकि, वह इस मुकाबले में कोई खास कमाल नहीं दिखा सके और उन्होंने सिर्फ 1 रन बनाने के साथ दोनों पारियों को मिलाकर एक ही विकेट भी चटकाया। उन्होंने भारत के लिए कुल 4 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान बल्लेबाजी में 46 रन बनाए जबकि गेंदबाजी में तीन विकेट निकाले।
हालांकि, भारत में पर्याप्त मौके न मिलने के कारण वह आयरलैंड शिफ्ट हो गए। उन्होंने वहां कुछ मैच खेलने के बाद कोचिंग का रुख किया। आयरलैंड से खेलने के बाद इंग्लैंड क्रिकेट टीम से जुड़ने वाले पूर्व कप्तान इयोन मोर्गन भी नरसिम्हा के कोचिंग कार्यकाल में ही उभरे। नरसिम्हा को आयरलैंड में जातीय समुदाय के लिए मुश्किल समय के दौरान क्रिकेट के जरिए किए गए सामुदायिक सेवा कामों के लिए दिसंबर 2012 में एमबीई की उपाधि से सम्मानित किया गया। वह यह सम्मान हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं।
–आईएएनएस
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