10 अगस्त का पंचांग: सावन के दूसरे सोमवार पर बन रहा अद्‌भुत संयोग, महादेव की पूजा से बनेंगे सारे काम


नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।

10 अगस्त 2026 (सोमवार) को श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 08:01 बजे तक है। इसके बाद त्रयोदशी लग जाएगी। 10 अगस्त को सावन महीने का दूसरा सोमवार है। इस दिन सोम प्रदोष व्रत और कामिका एकादशी पारण का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है, जो 6 साल बाद आया है। महादेव की आराधना के लिए यह दिन काफी प्रभावशाली होगा।

सोमवार को सुबह 6:05 बजे सूर्योदय और शाम 6:59 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, रात 3:00 बजे चंद्रोदय और अगले दिन शाम 5:14 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 10 अगस्त 2026 को सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान रहेगा, जबकि चंद्रमा दोपहर 12:27 बजे तक आर्द्रा नक्षत्र में रहेगा। इसके बाद पुनर्वासु नक्षत्र लग जाएगा।

सोमवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि वज्र योग रहेगा। इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:57 तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल भोर में 3:23 से 04:50 बजे तक रहेगा।

वहीं, राहुकाल सुबह 7:41 बजे से 9:18 बजे और गुलिक काल दोपहर 2:09 से दोपहर 3:45 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड काल सुबह 10:55 से 12:32 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।

सोमवार को इस दिन सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा मिथुन राशि में स्थित रहेगा। पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

–आईएएनएस

एसडी/एएस


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