आईपीएल 2027 को लेकर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को लेने पड़ सकते हैं मुश्किल फैसले: मैकडोनाल्ड


सिडनी, 8 अगस्त (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने संकेत दिए हैं कि देश के प्रमुख टेस्ट क्रिकेटरों को अगले साल होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपनी भागीदारी को लेकर मुश्किल फैसले लेने पड़ सकते हैं, क्योंकि टीम अपने इंटरनेशनल कैलेंडर के सबसे व्यस्त दौर में से एक के लिए तैयारी करेगी।

ऑस्ट्रेलिया को अगले 12 महीनों में 20 टेस्ट और 14 व्हाइट-बॉल इंटरनेशनल मैच खेलने हैं। इनमें भारत में होने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज भी शामिल है। टेस्ट फॉर्मेट की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर इंग्लैंड के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया एक टेस्ट खेलेगा, जबकि इंग्लिश टीम से कंगारुओं की एशेज सीरीज में भी भिड़ंत होगी।

आईपीएल 2027 के मार्च के मध्य से मई के अंत तक चलने की उम्मीद है। जून में संभावित वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल से पहले का समय ही ऐसा रहता है जब ऑस्ट्रेलियाई टीम इंटरनेशनल क्रिकेट से थोड़े समय के लिए ब्रेक लेती है। हालांकि, मैकडोनाल्ड ने इस बात पर जोर दिया कि आईपीएल ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी प्रबंधन रणनीति का एक अहम हिस्सा है और उनका मानना ​​है कि इस प्रतियोगिता में खेलने से टीम के प्रमुख क्रिकेटरों को फायदा हो सकता है।

मैकडोनाल्ड ने ‘ईएसपीएन क्रिकइन्फो’ से कहा, “मैंने पहले भी कहा है कि आईपीएल हमारे कई खिलाड़ियों के लिए हमारे मैनेजमेंट प्लान का हिस्सा है और मेरे हिसाब से टी20 क्रिकेट के सबसे अच्छी प्रतियोगिता में अपने बेहतरीन खिलाड़ियों को खेलने का मौका देने से उनके प्रदर्शन में भी फायदा होता है। बस आपको इसमें संतुलन बनाना होगा।”

पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, कैमरन ग्रीन और ट्रेविस हेड उन ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों में शामिल हैं जो अभी आईपीएल फ्रेंचाइजी से जुड़े हैं, जबकि जोश इंग्लिस भी लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम का हिस्सा हैं। ऑस्ट्रेलिया के रेगुलर टेस्ट खिलाड़ियों का टूर्नामेंट से हटने या अपनी उपलब्धता सीमित करने का कोई भी फैसला फ्रेंचाइजी की प्लानिंग पर असर डाल सकता है, खासकर खिलाड़ियों को रिटेन करने के मामले में।

वर्कलोड पर होने वाली चर्चा में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों का मुद्दा अहम रहने की संभावना है, क्योंकि मैकडोनाल्ड ने एक और व्यस्त इंटरनेशनल साइकिल से पहले तेज गेंदबाजों को रिकवरी के लिए पर्याप्त समय देने कीज़रूरत पर जोर दिया है। एशेज और वनडे वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया के मुख्य लक्ष्यों में शामिल हैं, जिससे खिलाड़ियों की फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट बहुत अहम हो जाता है। मैकडोनाल्ड ने कहा, “मुझे पता है कि लोग देश बनाम फ्रेंचाइजी और ऐसी बातें करते हैं, लेकिन इस समय की अहम बात यह है कि हम अपने तेज गेंदबाजों को अपने शरीर को ठीक करने और उन 20 या 21 मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार होने का मौका दे रहे हैं, जिनकी सब बात करते हैं।”

ऑस्ट्रेलिया ने पहले भी ऐसा ही तरीका अपनाया है। मैकडोनाल्ड ने संकेत दिया कि ऑस्ट्रेलिया एक जैसा तरीका अपनाने के बजाय खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक स्थिति के आधार पर अलग-अलग फैसले ले सकता है। मैकडोनाल्ड ने आगे कहा, “शुरुआती बात यह है कि आप यह सब कर सकते हैं, और मुझे लगता है कि अगर आप उस सोच से शुरुआत करते हैं तो आप उसी के अनुसार फैसले ले सकते हैं। आईपीएल इसमें फिट हो सकता है और अगर ऐसा नहीं होता है तो आप जानते हैं कि ये खिलाड़ी, मैनेजमेंट के साथ मिलकर ऐसे फैसले लेने के लिए तैयार रहे हैं।”

–आईएएनएस

एसएम/वीसी


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