इजरायल की पहल पर प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू की टेलीफोन वार्ता, पश्चिम एशिया पर हुई चर्चा : एमईए

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नई द‍िल्‍ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की जानकारी देते हुए व‍िदेश मंत्रालय ने कहा क‍ि यह फोन कॉल इजरायल की ओर से आया था। भारत और इजरायल के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूती देने के ल‍िए दोनों देशों के प्रधानमंत्र‍ियों के बीच वार्तालाप हुई। साथ ही इस दौरान पश्चिम एशिया के हालात पर भी बातचीत हुई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्‍ताह‍िक मीडिया ब्रीफिंग में प्रधानमंत्री मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री के बीच हुई टेलीफोन बातचीत की जानकारी देते हुए बताया क‍ि यह फोन कॉल इजरायल की ओर से किया गया था, जिसे हमारे प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया।

उन्‍होंने बताया क‍ि जैसा कि आप जानते हैं, भारत और इजरायल के बीच एक विशेष रणनीतिक साझेदारी है। दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच बातचीत के दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि विभिन्न क्षेत्रों में इस साझेदारी और मित्रता को कैसे ज्यादा मजबूत किया जा सकता है। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और वहां हो रहे ताजा घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों को लेकर बात हुई। दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल विशेष रणनीतिक साझेदारी में हो रही लगातार प्रगति की समीक्षा की और इस बात की पुष्टि की कि वे दोनों देशों के पारस्परिक हितों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू और प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए। साथ ही दोनों नेताओं ने आगे भी आपस में संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।

पिछले तीन दशकों में भारत और इजरायल ने एक ऐसा संबंध बनाया है, जो मुख्य रूप से रणनीतिक भरोसे पर आधारित है। रक्षा सहयोग, काउंटर-टेररिज्म, इंटेलिजेंस शेयरिंग और कृषि इनोवेशन एक बढ़ती हुई परिपक्व साझेदारी के स्तंभ बन गए हैं।

फिर भी, जहां राजनीति और सुरक्षा संबंध काफी बढ़े हैं, वहीं आर्थिक संबंध अपनी क्षमता के हिसाब से नहीं चल पाए हैं। भारत इजरायल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के लिए चल रही बातचीत इसे बदलने का मौका देती है।

–आईएएनएस

एवाई/एबीएम

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