एक खिलाड़ी के तौर पर पहचान तभी बनती है, जब आप एक फ्रेंचाइजी से ही जुड़े रहें: इरफान पठान


नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के पूर्व बाएं हाथ के तेज गेंदबाज इरफान पठान का मानना ​​है कि एक क्रिकेटर तभी अपनी एक मजबूत पहचान या विरासत बना सकता है जब वह एक ही आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ लंबे समय तक जुड़ा रहे। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि रिटेंशन के नियमों और नीलामी की प्रक्रियाओं के कारण खिलाड़ियों का अपनी टीम के साथ लंबे समय तक जुड़े रहने पर कोई जोर नहीं होता है।

पठान का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब मुंबई इंडियंस (एमआई) में हार्दिक पांड्या के भविष्य को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं। पठान ने जियोहॉटस्टार की सीरीज ‘चीकी सिंगल्स’ में कहा, “अगर आप एक खिलाड़ी के तौर पर अपनी एक पहचान बनाना चाहते हैं, तो ऐसा तभी हो सकता है जब आपको एक ही फ्रेंचाइजी के साथ बने रहने का मौका मिले। हालांकि, अक्सर ऐसा नहीं होता। मेरी पहली टीम पंजाब थी और मैंने वहां तीन साल तक खेला।”

पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने आगे कहा, “चौथे साल में पंजाब मुझे टीम में बनाए रखना चाहती थी, लेकिन रिटेंशन के नियमों और ऐसी ही दूसरी वजहों से वे किसी भी खिलाड़ी को रिटेन नहीं कर पाए। किसी को भी रिटेन नहीं किया गया। इसी वजह से कभी-कभी ये चीजें खिलाड़ियों के हाथ में भी नहीं होतीं। फ्रेंचाइजी भी यही चाहती है।”

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कैसे रिटेंशन की पाबंदियों के कारण टीमों को अक्सर उन खिलाड़ियों को छोड़ना पड़ता है जिन्हें उन्होंने खुद तैयार किया होता है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) से शुभमन गिल के जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “केकेआर का ही उदाहरण लें। मुझे यकीन है कि जो खिलाड़ी टीम छोड़कर गए, अगर उनसे पूछा जाए कि क्या वे जाना चाहते थे, तो वे नहीं ही कहेंगे। शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी को तो वे जरूर अपने साथ बनाए रखना चाहते थे।

“उन्होंने ही गिल को तैयार किया था और सबसे पहले चुना था। हालांकि, कभी-कभी हालात ऐसे होते हैं कि आप खिलाड़ियों को रिटेन नहीं कर पाते। अगर आपको एक ही फ्रेंचाइजी के साथ बने रहने का मौका मिले, तो कुछ चीजों से समझौता करके भी अपनी पहचान बनाएं और उस टीम के साथ जुड़े रहें।”

–आईएएनएस

एसएम/एएस


Related Articles

Latest News