झारखंड में परीक्षा गड़बड़ी को लेकर निशिकांत दुबे ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी


नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को राज्य सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर 13 अगस्त तक कोई फैसला नहीं लिया गया तो वह संसद सत्र के दौरान छात्रों के आंदोलन में शामिल होकर भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।

गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “13 अगस्त तक यानी संसद सत्र चलने तक अगर कोई निर्णय नहीं हुआ तो मैं अपनी पार्टी से अनुमति लेकर छात्रों के आंदोलन में शामिल होकर भूख हड़ताल करूंगा।”

उन्होंने सवाल किया कि आखिर कब तक झारखंड में छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ होता रहेगा। जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक से कब छात्रों को राहत मिलेगी और कांग्रेस समर्थित हेमंत सोरेन सरकार उनकी आवाज कब सुनेगी।

निशिकांत दुबे का बयान रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच आया है। छात्र अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी सीबीआई जांच, प्रभावित परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए सिस्टम में सुधार की मांग कर रहे हैं।

इधर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को विपक्ष, खासकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से संसद के दोनों सदनों को चलने देने की अपील की ताकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन को संबोधित कर सकें। यही मांग आंदोलनकारी नेता भी कर रहे हैं।

रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें “पाखंडी” बताया और आरोप लगाया कि झारखंड में छात्रों के परीक्षा गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर उनका रुख अलग है।

झारखंड के कई छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन कर रहे हैं। उनमें से कई पिछले करीब दो हफ्ते से भूख हड़ताल पर हैं।

निशिकांत दुबे की चेतावनी से छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक बल मिला है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार 13 अगस्त की समयसीमा से पहले कोई ठोस निर्णय लेती है या नहीं। एक निर्वाचित प्रतिनिधि के हस्तक्षेप से हेमंत सोरेन सरकार पर दबाव और बढ़ सकता है, खासकर जब संसद का मानसून सत्र अभी चल रहा है।

झारखंड भर के छात्र उम्मीद जता रहे हैं कि भाजपा सांसद के इस रुख से राज्य प्रशासन परीक्षा की शुचिता और निष्पक्ष भर्ती से जुड़ी लंबे समय से लंबित शिकायतों को दूर करने के लिए कदम उठाएगा।

आंदोलनकारी छात्र जेपीएससी, जेएसएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

राज्य सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों से बातचीत का प्रस्ताव आने के बाद छात्रों ने पहली बार औपचारिक रूप से एक प्रतिनिधिमंडल बनाने की घोषणा की है जो प्रस्तावित वार्ता में उनकी ओर से भाग लेगा।

–आईएएनएस

डीएससी


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