मुंबई, 6 अगस्त (आईएएनएस)। फिल्म निर्माता-निर्देशक सुभाष घई ने गुरुवार को अपनी सुपरहिट फिल्म ‘खलनायक’ के रिलीज के 33 साल पूरे होने पर फिल्म से जुड़ी यादों को ताजा किया। इस खास मौके पर उन्होंने बताया कि इस फिल्म का विचार उनके मन में कैसे आया और वह एक ऐसे खलनायक की कहानी दिखाना चाहते थे, जिसके पीछे भी एक दर्द और त्रासदी छिपी हो।
उन्होंने बताया कि फिल्म का मूल विचार यही था कि कैसे एक इंसान अपने अंतर्मन की आवाज से बदल सकता है और बुराई से अच्छाई की ओर लौट सकता है।
सुभाष घई ने फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा, ”जब मैंने ‘खलनायक’ की कहानी लिखनी शुरू की, तब मेरे मन में सबसे पहले एक विचार आया था कि क्या रावण जैसा किरदार अपनी आत्मा की आवाज सुनकर श्रीराम बनने की ओर बढ़ सकता है। यही थीम मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित कर गई। इसी सोच ने फिल्म की पूरी कहानी को जन्म दिया। यह सिर्फ एक विलेन की कहानी नहीं थी, बल्कि एक ऐसे इंसान की त्रासदी थी, जो परिस्थितियों के कारण अपराध की दुनिया में पहुंच जाता है।”
निर्देशक ने कहा, ”33 साल पहले संजय दत्त, जैकी श्रॉफ और माधुरी दीक्षित जैसे कलाकारों के साथ इस फिल्म को बनाने का अनुभव आज भी ताजा है। समय जरूर बदल गया है, लेकिन फिल्म की कहानी, उसके किरदार और उसका संदेश, आज भी लोगों के दिलों में उसी तरह जिंदा हैं।”
सुभाष घई ने फिल्म की सफलता का श्रेय पूरी टीम को दिया। उन्होंने संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, गीतकार आनंद बख्शी, सिनेमैटोग्राफर अशोक मेहता, मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान, कॉस्ट्यूम डिजाइनर नीता लुल्ला, लेखक कमलेश पांडेय और फिल्म से जुड़े सभी तकनीकी सदस्यों का दिल से आभार जताया।
उन्होंने कहा, ”इन सभी लोगों ने अपने हुनर से फिल्म को यादगार बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और उनकी मेहनत के बिना ‘खलनायक’ इतनी बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाती।”
साल 1993 में रिलीज हुई ‘खलनायक’ बॉलीवुड की सबसे चर्चित फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म में संजय दत्त ने बल्लू बलराम उर्फ ‘खलनायक’ का किरदार निभाया था, जबकि जैकी श्रॉफ और माधुरी दीक्षित भी अहम भूमिकाओं में थे। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता पाई थी।
फिल्म का संगीत भी इसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक रहा। फिल्म के ‘नायक नहीं खलनायक हूं मैं’, ‘चोली के पीछे क्या है’, ‘पालकी में होके सवार चली रे’ और ‘ऐ साहब ये ठीक नहीं’ समेत कई गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं।
–आईएएनएस
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