आईजी विकास वैभव पर तेजस्वी यादव के आरोपों का लेट्स इंस्पायर बिहार ने किया खंडन, बताया- बदनाम करने की कोशिश

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पटना, 5 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में आईजी विकास वैभव को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर अब लेट्स इंस्पायर बिहार (एलआईबी) से जुड़े लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। इसके पदाधिकारियों ने तेजस्वी यादव के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि विकास वैभव की कार्यशैली हमेशा निष्पक्ष, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि डेहरी में अधिकारी की हत्या और जांच को लेकर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी पहले ही गठित की जा चुकी है।

लेट्स इंस्पायर बिहार से जुड़े रिटायर्ड विंग कमांडर उपेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि संस्था और उसके संस्थापक आईजी विकास वैभव पर लगाए गए आरोपों से सभी सदस्यों को गहरी पीड़ा पहुंची है। नेता प्रतिपक्ष ने यह आरोप लगाया कि लेट्स इंस्पायर बिहार एक ऐसा मंच है, जिसका उद्देश्य राजनीतिक है और इसके कारण किसी जांच पर प्रभाव पड़ सकता है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।

उन्होंने कहा कि विकास वैभव के लिए जाति, धर्म, संप्रदाय और लिंगभेद का कोई महत्व नहीं है। उनके लिए ईमानदारी, कर्मनिष्ठा और सत्यनिष्ठा ही सबसे बड़ा धर्म है। जिस मामले की चर्चा हो रही है, उसमें शुरुआती जांच पहले ही सार्वजनिक हो चुकी है और आगे की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। ऐसे में जांच को लेकर किसी तरह का भ्रम फैलाना उचित नहीं है। साथ ही, लेट्स इंस्पायर बिहार एक सामाजिक मंच है, जिसका उद्देश्य बिहार के विकास के लिए देश और दुनिया में रहने वाले बिहारवासियों को जोड़ना है। उन्होंने सभी बिहारवासियों से इस अभियान में शामिल होकर राज्य के विकास में योगदान देने की अपील की।

एलआईबी के कोऑर्डिनेटर गणेश कुमार ने भी नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि विकास वैभव की कार्यशैली पर पूरे देश को भरोसा है और उन्होंने अपने हर दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ किया है। जिन-जिन स्थानों पर विकास वैभव ने सेवा दी, वहां उनके कार्यों की आज भी सराहना होती है।

गणेश कुमार ने रोहतास जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि आजादी के बाद रोहतास किले पर तिरंगा फहराने का श्रेय भी विकास वैभव को जाता है। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन किया था। ऐसे अधिकारी पर राजनीतिक आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं या सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ तस्वीर खिंच जाने को राजनीतिक संबंध का प्रमाण नहीं माना जा सकता। उन्होंने तेजस्वी यादव से अपील की कि वे बिना तथ्यों के इस तरह के बयान देने से बचें, क्योंकि इससे उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

डेहरी में अधिकारी की हत्या के मामले का उल्लेख करते हुए गणेश कुमार ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही विकास वैभव सबसे पहले मौके पर पहुंचे और जांच की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इतनी तत्परता से कार्रवाई करने वाले अधिकारी की सराहना होनी चाहिए, न कि उन पर निराधार आरोप लगाए जाने चाहिए। नेता प्रतिपक्ष से बयानबाजी से बचने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के आरोप जारी रहे, तो संस्था उनके आरोपों का तथ्यों के आधार पर मजबूती से जवाब देने के लिए तैयार है।

–आईएएनएस

पीएसके/एबीएम

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