लाल सागर में सऊदी जहाजों पर हमला तेज करेगा हूती समूह, तेल टैंकर पर मिसाइल अटैक की ली जिम्मेदारी

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सना, 5 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तरी लाल सागर में एक सऊदी तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया। इस हमले की ज‍िम्‍मेदारी लेते हुए यमन के हूती समूह ने कहा कि वह सऊदी अरब से जुड़े जहाजों के खिलाफ अपना अभियान और तेज करेगा।

हूती समूह की ओर से संचालित अल-मसीरा टीवी पर प्रसारित एक बयान में हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने कहा कि सऊदी अरब के प्रमुख रेड सी बंदरगाह शहर यानबू के तट के पास ‘वफा’ नाम के तेल टैंकर को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया।

सारेया ने कहा क‍ि यह हमला बिल्कुल सटीक था, लेकिन उन्होंने संभावित नुकसान या किसी हताहत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सऊदी अरब से जुड़े जहाजों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है, जिसे उन्होंने ‘नाकेबंदी के जवाब में नाकेबंदी’ बताया।

सारेया के अनुसार, इस अभियान की शुरुआत से अब तक हूती बलों ने आठ सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाया है, जबकि 29 अन्य टैंकरों को अपना रास्ता बदलकर लौटना पड़ा।

हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, सऊदी अधिकारियों की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब हूती समूह और सऊदी अरब के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। जुलाई में हूती समूह ने सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। उनका कहना था कि यह कदम हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर सऊदी नाकेबंदी के जवाब में उठाया गया है।

इन नए तनावों ने लाल सागर और बाब-अल-मंदब स्‍ट्रेट की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है।

इस बीच, यमन के विदेश और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने बुधवार को लाल सागर में भारतीय वाणिज्यिक मालवाहक जहाज ‘एमएसवी फैजे नूरे ओलिया’ पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने इसे ‘आतंकी हमला’ और ‘अंतरराष्ट्रीय कानून तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के नियमों का खुला उल्लंघन’ बताया।

‘एक्स’ पर जारी बयान में मंत्रालय ने भारत के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की और कहा कि वह भारतीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। साथ ही जहाज के चालक दल को हर जरूरी सहायता और सहयोग देने की बात भी कही।

यमन के विदेश मंत्रालय ने कहा, “यमन गणराज्य का विदेश और प्रवासी मामलों का मंत्रालय लाल सागर में भारतीय वाणिज्यिक मालवाहक जहाज ‘एमएसवी फैजे नूरे ओलिया’ पर हूती आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है। विस्फोटकों से भरी नाव का उपयोग कर यह हमला उस समय किया गया जब जहाज लाल सागर में यात्रा कर रहा था। इस हमले के कारण जहाज पूरी तरह डूब गया। यह अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के नियमों का गंभीर उल्लंघन है और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में समुद्री यातायात की सुरक्षा, सुरक्षित नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता के लिए सीधा खतरा है।”

यह बयान भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से मंगलवार की शाम को जारी की गई प्रतिक्रिया के बाद आया। भारत ने ‘एमएसवी फैजे नूरे ओलिया’ पर हुए हमले की निंदा की थी और पुष्टि की थी कि जहाज पर मौजूद सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

–आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

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