पीएम मोदी के वीडियो संदेश पर भाजपा नेताओं ने की सराहना, कहा-छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देने वाला बड़ा फैसला


लखनऊ, 1 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जंतर-मंतर से जुड़े छात्र आंदोलन से संबंधित मामलों में नरमी बरतने और छात्रों के नाम जारी किए गए वीडियो संदेश के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने उनकी जमकर सराहना की। भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री के फैसले को उनकी संवेदनशीलता, विशाल हृदय और छात्रों के भविष्य के प्रति चिंता का प्रतीक बताया। साथ ही उन्होंने इसे एक अभिभावक की तरह लिया गया निर्णय बताते हुए कहा कि इससे युवाओं को नई शुरुआत का अवसर मिलेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री मनोज पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहे हैं। पूरे देश को प्रधानमंत्री पर गर्व है, जिन्होंने भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है। प्रधानमंत्री ने आईटी, आधारभूत संरचना, सड़क निर्माण, नदियों को जोड़ने और भारत को दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में शामिल करने जैसी दूरदर्शी सोच के साथ काम किया है।

उत्तर प्रदेश की राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कदम उनके बड़े दिल का परिचायक है। उन्होंने कहा कि एक अभिभावक के रूप में प्रधानमंत्री ने बच्चों की गलती को माफ किया है और यही कारण है कि देश के लोग उनसे इतना स्नेह करते हैं।

भाजपा नेता गुरु प्रकाश ने प्रधानमंत्री को विशाल हृदय वाला नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने दशकों तक सार्वजनिक जीवन में त्याग, तपस्या और समर्पण का परिचय दिया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का वीडियो संदेश इस बात का संकेत देता है कि पूरे प्रकरण का संवेदनशील और दीर्घकालिक समाधान किस प्रकार निकाला जा सकता है।

दिल्ली के भाजपा विधायक अभय वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पूरे देश को अपना परिवार मानते हैं और परिवार के बच्चों की गलतियों को माफ करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान कुछ राजनीतिक दलों और वैचारिक समूहों से जुड़े लोगों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया तथा प्रधानमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को देश की जनता पहचान चुकी है।

भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने प्रधानमंत्री के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि छात्र और अराजक तत्वों में अंतर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने और उन्हें पढ़ाई जारी रखने का अवसर देने का निर्णय लिया है, तो यह अत्यंत सराहनीय कदम है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी मामले में उग्रवादी या आपराधिक तत्व शामिल रहे हैं, तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहनी चाहिए।

–आईएएनएस

डीकेएम/वीसी


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