भाजपा विधायक देवेश कुमार का इस्तीफा, मंत्री दीपक प्रकाश के बिहार विधान परिषद में प्रवेश की संभावना


पटना, 31 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक देवेश कुमार द्वारा बिहार विधान परिषद से इस्तीफा देने के बाद शुक्रवार को बिहार में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं, जिससे पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के उच्च सदन में प्रवेश का रास्ता खुल गया।

देवेश कुमार शुक्रवार शाम को पिछले दरवाजे से बिहार विधान परिषद पहुंचे और अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

उनके इस्तीफे के समय राज्य भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता उपस्थित थे। इस्तीफे के बाद विधान परिषद की खाली सीट के लिए दीपक प्रकाश को मनोनीत करने की तैयारियां चल रही हैं।

दीपक प्रकाश वर्तमान में बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री हैं लेकिन वे विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं हैं।

संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत, राज्य विधानमंडल के सदस्य न होने वाले मंत्री को मंत्रिपरिषद में नियुक्त होने के छह महीने के भीतर किसी भी सदन की सदस्यता प्राप्त करनी होगी।

यह मुद्दा राजनीतिक रूप से विवादास्पद हो गया था। विपक्षी दलों ने बार-बार यह सवाल उठाया कि दीपक प्रकाश विधानमंडल की सदस्यता के बिना मंत्री कैसे बने रह सकते हैं। यह मामला सर्वोच्च न्यायालय तक भी पहुंचा, जहां राज्य सरकार से जवाब मांगा गया।

देवेश कुमार के इस्तीफे से विधान परिषद की एक सीट खाली हो गई है और सत्ताधारी एनडीए ने इस समस्या का समाधान ढूंढ लिया है। औपचारिक नामांकन और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने पर दीपक प्रकाश को इस खाली सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

विपक्ष का कहना है कि संवैधानिक आवश्यकताओं का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए जबकि सत्ताधारी एनडीए ने दावा किया है कि कानून के अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

राजनीतिक विश्लेषक देवेश कुमार के इस्तीफे को बिहार सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानते हैं। यदि दीपक प्रकाश विधान परिषद के लिए निर्वाचित होते हैं, तो इससे उनके मंत्री पद से संबंधित तात्कालिक संवैधानिक मुद्दा हल हो जाएगा और उन्हें राज्य विधानमंडल में औपचारिक स्थान प्राप्त हो जाएगा। उनकी उम्मीदवारी के संबंध में आधिकारिक घोषणा की प्रतीक्षा है।

–आईएएनएस

एएसएच/पीएम


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