कोडरमा, 31 जुलाई (आईएएनएस)। सावन के पवित्र महीने में देवघर के बाबा धाम और दुमका के बासुकीनाथ मंदिर के अलावा शिवालियों में शिव भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोले बाबा का जलाभिषेक कर रहे हैं। इन्हीं शिव भक्तों में एक कोडरमा के डोमचांच की रहने वाली कुसुम कुमारी 21 लीटर गंगा जल से बिहार के अजगैबीनाथ मंदिर में बाबा भोले का जलाभिषेक करेंगी।
इसके बाद उत्तर वाहिनी गंगा से फिर 21 लीटर पवित्र जल का उठाकर बाबा मंदिर देवघर के लिए रवाना होंगी। देवघर में भी कुसुम कुमारी बाबा भोले का जलाभिषेक करेंगी। गो संरक्षण और गो रक्षा के संकल्प के साथ कुसुम अपनी बहन के साथ इस पदयात्रा पर निकली हैं। उनका कहना है कि जो गोवंश सड़कों पर भटकते हैं और कभी-कभी दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। इन गोवंशों की रक्षा के लिए सरकार के साथ-साथ आम लोगों को भी आगे आना चाहिए, ताकि भटकते गोवंश की रक्षा के साथ उनका पालन पोषण हो सके।
कुसुम ने बताया कि इस पदयात्रा के दौरान वह प्रतिदिन 25 से 30 किलोमीटर की यात्रा करेगी और जहां-जहां भी रुकेगी लोगों को गो रक्षा और गो संरक्षण के प्रति प्रेरित करेगी।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए कुसुम ने कहा कि वह लगातार तीसरे वर्ष 21 लीटर जल लेकर बाबा धाम के लिए निकली हैं। इस जल से मैं सुल्तानगंज में बाबा अजगैबीनाथ का जलाभिषेक करूंगी। इसके बाद 21 लीटर गंगा जल लेकर बाबा धाम जाऊंगी। इसके बाद बासुकीनाथ का दर्शन करूंगी। उन्होंने कहा कि गो माता के लिए हमेशा मैंने अयोध्या, वृंदावन की पैदल यात्रा की है। बाबा धाम जाने के दौरान लोगों से गो माता की सेवा करने की अपील करती हूं।
कुसुम ने कहा कि सरकार की ओर से तो कदम उठाया जाएगा, लेकिन पहले हम लोगों की ओर से एक कदम उठाया जाए। लोगों को घर में गो माता को रखना चाहिए और उनकी सेवा करनी चाहिए। झारखंड सरकार से अपील है कि ‘मईयां सम्मान योजना’ की तरह ही ‘गईया सम्मान योजना’ भी चलाए। हमारी यह यात्रा 350-400 किलोमीटर की रहेगी।
–आईएएनएस
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