संयुक्त राष्ट्र महासचिव चुनाव: 'स्ट्रॉ पोल' प्रक्रिया शुरू, महासचिव पद के लिए सात उम्मीदवारों की सूची जारी


यूनाइटेड नेशंस, 30 जुलाई (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के अगले महासचिव के चुनाव की प्रक्रिया गुरुवार को शुरू हो गई। इसके तहत सुरक्षा परिषद ने सात उम्मीदवारों को लेकर एक शुरुआती ‘स्ट्रॉ पोल’ कराया, ताकि यह पता चल सके कि किस उम्मीदवार को कितना समर्थन मिल रहा है। यह जानकारी सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष जेनॉन मुकोंगो नगाय ने दी।

नगाय, जो इस महीने सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहे कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) के स्थायी प्रतिनिधि हैं, ने कहा कि परिषद ने इस मतदान के नतीजे सार्वजनिक नहीं करने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि मतदान के नतीजे उम्मीदवारों को नामित करने वाले देशों के मिशनों और महासभा की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक को भेजे जाएंगे।

उन्होंने कहा कि बैलेट में हर कैंडिडेट के लिए तीन ऑप्शन थे: एनकरेज, डिसकरेज, और नो ओपिनियन।

यह ‘स्ट्रॉ पोल’ कई चरणों में होने वाले पोल की एक श्रृंखला का हिस्सा है। यह प्रक्रिया तब तक चलेगी जब तक ऐसा उम्मीदवार सामने नहीं आ जाता जिसे सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य स्वीकार कर लें। इसका मतलब यह है कि अमेरिका, रूस और चीन जैसे स्थायी सदस्य उस उम्मीदवार का विरोध न करें।

शुरुआती ‘स्ट्रॉ पोल’ पूरी तरह गुप्त होते हैं। बाद के चरणों में स्थायी सदस्यों के वोट अलग से दिखाए जाते हैं, हालांकि यह नहीं बताया जाता कि कौन-सा वोट किस देश ने दिया है। इसका मकसद यह समझना होता है कि किस उम्मीदवार को किसी स्थायी सदस्य के वीटो का सामना नहीं करना पड़ेगा।

उम्मीदवारों में से चार के पास संयुक्त राष्ट्र संगठनों में नेतृत्व का अनुभव है। इनमें अर्जेंटीना के राफेल ग्रॉसी, जो अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख हैं। माइकल बैचलेट, जो चिली की पूर्व राष्ट्रपति और मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र की पूर्व उच्चायुक्त रह चुकी हैं। रेबेका ग्रिनस्पैन, जो संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास संगठन (यूएनसीटीएडी) की प्रमुख हैं और कोस्टा रिका की पूर्व उपराष्ट्रपति भी रह चुकी हैं। ओलारा ओटुन्नू, जो संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अवर महासचिव, युगांडा के विदेश मंत्री और सुरक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा भी उम्मीदवार हैं। वे संयुक्त राष्ट्र महासभा की पूर्व अध्यक्ष और इक्वाडोर की पूर्व विदेश मंत्री रह चुकी हैं।

दूसरे कैंडिडेट्स में गुयाना की पूर्व फॉरेन मिनिस्टर कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट और सेनेगल के पूर्व प्रेसिडेंट मैकी सैल शामिल हैं।

सभी उम्मीदवारों को महासभा के तत्वावधान में राजनयिकों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ लगभग तीन घंटे की खुली चर्चा में हिस्सा लेना होता है।

अब तक ग्रिन्सपैन, बैचेलेट, ग्रोसी, फर्नांडा एस्पिनोसा और कैरोलिन रोड्रिग्स-बर्केट इन चर्चाओं में अपने विचार और योजनाएं पेश कर चुके हैं।

ओटुनु ने अभी पिछले हफ्ते ही अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की है। अंतिम चुनाव तक और भी उम्मीदवार मैदान में आ सकते हैं। आखिर में 193 देशों वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा सुरक्षा परिषद द्वारा चुने गए उम्मीदवार को औपचारिक मंजूरी देगी।

दुनिया भर में यह राय तेजी से मजबूत हो रही है कि 80 साल के इतिहास में अब समय आ गया है कि संयुक्त राष्ट्र का महासचिव पद पहली बार किसी महिला को मिले।

–आईएएनएस

एवाई/डीकेपी


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