ग्लासगो, 30 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के मुरली श्रीशंकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की लंबी कूद में 8.09 मीटर के शानदार प्रयास के साथ रजत पदक जीता। मुरली श्रीशंकर की इस उपलब्धि पर उनके पिता और कोच एस. मुरली ने प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि इंजरी के बाद श्रीशंकर के ऐसे करिश्माई वापसी की उम्मीद नहीं थी।
एस. मुरली ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “यह मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत ही गर्व का समय है। उसने बहुत ही खतरनाक इंजरी से रिकवर करते हुए वापसी की है। हमने नहीं सोचा था कि इंजरी से वापसी के बाद वह इतना शानदार प्रदर्शन करेगा।”
उन्होंने कहा कि इंजरी के बाद उसकी सर्जरी हुई। इसके बाद 6 से 7 महीने का समय रिहैब में लगा। श्रीशंकर अपनी मेहनत और समर्पण की बदौलत ही इतनी शानदार और यादगार वापसी कर सका।
एस. मुरली ने कहा, “उसने कहा था कि मैं वापसी करूंगा और फिर से जंप करूंगा। मेरे बारे में चिंता मत करिए। यह उसका आत्मविश्वास है। मेरी पत्नी ने भी उनकी रिकवरी के लिए बहुत पूजा-पाठ किया है।”
उन्होंने कहा, “एक पिता और कोच होने के नाते मेरी सिर्फ इतनी ही इच्छा थी कि वह एक आम इंसान की तरह चलने में सक्षम हो जाए। लेकिन उसने देश के लिए, हमारे लिए और अपने लिए करिश्मा किया है। मुझे उस पर गर्व है।”
केरल के पल्लकड़ के रहने वाले और अपने पिता एस. मुरली से कोचिंग पाने वाले श्रीशंकर ने दूसरे राउंड में अपनी बेस्ट जंप लगाई, जिसमें उन्होंने 8.03 मीटर से शुरुआत करने के बाद 8.09 मीटर रिकॉर्ड किया। प्रतियोगिता में दो फाउल कोशिशों के बावजूद, भारतीय एथलीट पूरे समय पदक की दौड़ में बना रहा और अंत में दूसरा स्थान हासिल किया। 27 साल के श्रीशंकर ने 2022 में बर्मिंघम एडिशन में 8.08 मीटर की जंप के साथ रजत पदक जीता था।
–आईएएनएस
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