कर्नाटक सरकार तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़ने के आदेश के खिलाफ अपील करेगी


नई दिल्ली/बेंगलुरु, 29 जुलाई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को कहा कि कर्नाटक सरकार तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़ने के आदेश के खिलाफ अपील करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में मॉनसून की कमी है और इस साल ‘बारिश के देवता वरुण ने कर्नाटक पर कृपा नहीं की है’।

नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि राज्य ने आदेश को चुनौती देने के लिए उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहले ही चर्चा कर ली है।

उन्होंने कहा कि कावेरी जल नियामक प्राधिकरण (सीडब्ल्यूआरए) ने पहले दो बार तमिलनाडु की मांग को खारिज कर दिया था। हालांकि, इस बार उसने कुछ पानी छोड़ने का आदेश दिया है। हम आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के एडवोकेट जनरल, कानूनी विशेषज्ञ और सरकारी अधिकारी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के पास जाना चाहिए या तुरंत राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमारे एडवोकेट जनरल और अधिकारी तैयारी कर रहे हैं। मंत्रियों ने भी कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली है। हमने यह फैसला उन पर छोड़ दिया है कि अपील सीडब्ल्यूएमए में दायर की जाए या सुप्रीम कोर्ट में। हम तुरंत राहत चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बेंगलुरु लौटने के बाद, वह कावेरी मुद्दे पर चर्चा करने और सामूहिक प्रतिक्रिया तैयार करने के लिए विपक्षी दलों के नेताओं से मिलेंगे।

याद दिला दें कि सीडब्ल्यूआरसी ने तमिलनाडु की जून और जुलाई के बकाया पानी के कोटे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए 29 जुलाई, 2026 से 15 दिनों तक तमिलनाडु को प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश दिया था, जो कुल मिलाकर 4 हजार मिलियन क्यूबिक फीट है।

दिल्ली में छात्रों पर कथित पुलिस फायरिंग को लेकर हुए विवाद पर शिवकुमार ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की बातों का समर्थन किया और कहा कि इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

उन्होंने पूछा कि यह सिर्फ राहुल गांधी की बात नहीं है। यह देश से जुड़ा सवाल है। छात्र सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। छात्रों पर गोली चलाने की इजाजत पुलिस को किसने दी?

उन्होंने कहा कि दिल्ली में पुलिसिंग केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है और केंद्रीय गृह मंत्री से इस मामले पर स्पष्टीकरण देने को कहा।

उन्होंने कहा कि देश में पहली बार हम ऐसी घटना देख रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री का यह कर्तव्य है कि वे बताएं कि क्या हुआ।

कर्नाटक कैबिनेट के बहुप्रतीक्षित विस्तार से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए शिवकुमार ने कहा कि बातचीत हो चुकी है और उन्हें अभी पार्टी नेतृत्व के साथ बातचीत का अंतिम दौर पूरा करना है।

उन्होंने कहा कि हमने बातचीत की है। मुझे बातचीत का अंतिम दौर पूरा करना है। हमारे नेताओं ने हमें बताया है कि वे हमें बुलाएंगे।

–आईएएनएस

एमएस/


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