भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर जून में मजबूत रही, घरेलू मांग का फायदा मिल रहा: रिपोर्ट

नई दिल्ली, 29 जुलाई (केसरिया न्यूज़)। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में वस्तुओं के निर्यात में वृद्धि और मजबूत घरेलू मांग के कारण भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर जून में सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत रही है। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट में कहा गया, “वैश्विक अनिश्चितता के समय में भी भारत के बाह्य क्षेत्र का प्रदर्शन मजबूत रहा है और वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सामानों के निर्यात में वृद्धि हुई है। इसके अलावा, मजबूत घरेलू मांग भी एक अहम कारक बनी हुई है।”

औद्योगिक क्षेत्र का प्रदर्शन अधिकांश सेक्टरों में मजबूत रहा, हालांकि खनन और उत्खनन क्षेत्र इसमें अपवाद रहा। जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर बढ़कर 7.8 प्रतिशत रही, जो पिछले महीने 5.2 प्रतिशत थी। इस दौरान विनिर्माण के 23 में से 19 उप-क्षेत्रों ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की।

इलेक्ट्रिकल उपकरण क्षेत्र में 34 प्रतिशत और मोटर वाहन, ट्रेलर एवं सेमी-ट्रेलर क्षेत्र में 17.5 प्रतिशत की दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, कपड़ा क्षेत्र में 13.7 प्रतिशत, खाद्य उत्पाद क्षेत्र में 10.8 प्रतिशत और अन्य गैर-धात्विक खनिज उत्पाद क्षेत्र में 12.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

उपयोग-आधारित वर्गीकरण के अनुसार, पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन 14.2 प्रतिशत, मध्यवर्ती वस्तुओं का 9.3 प्रतिशत, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं का 7.7 प्रतिशत, बुनियादी ढांचा एवं निर्माण सामग्री का 7.5 प्रतिशत और प्राथमिक वस्तुओं का उत्पादन 4.9 प्रतिशत बढ़ा।

रिपोर्ट के अनुसार, तिमाही आधार पर वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में सालाना आधार पर 5.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसमें इलेक्ट्रिकल उपकरण और मोटर वाहन प्रमुख क्षेत्र रहे, जिनमें क्रमशः 25.8 प्रतिशत और 15 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।

28 जुलाई 2026 तक वर्षा की कमी जून के अंत में 40 प्रतिशत से घटकर 15.8 प्रतिशत रह गई है, हालांकि यह अब भी सामान्य स्तर से कम है।

रिपोर्ट में कहा गया, “ग्रामीण मांग पर मानसून के प्रभाव का आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में खरीफ फसलों की बुवाई में सुधार एक सकारात्मक संकेत है। कुल मिलाकर, भारत की औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के साथ-साथ उभरती घरेलू चुनौतियों का भी सामना करना होगा।”

–केसरिया न्यूज़

Related Articles

Latest News