प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत, फडणवीस सरकार ने महाराष्ट्र में दर्ज मामले वापस लेने का दिया आदेश


मुंबई, 28 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को गृह विभाग को निर्देश दिया कि नीट परीक्षा को लेकर हुए आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्यभर में छात्र प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किए गए मामलों को अब आधिकारिक रूप से वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गृह विभाग को छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए औपचारिक निर्देश जारी किए हैं। नीट परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन करने के दौरान जिन छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई थी या एफआईआर दर्ज हुई थी, उनके रिकॉर्ड अब साफ किए जाएंगे।

अन्य राज्यों में उठाए गए कदमों की तर्ज पर महाराष्ट्र ने भी यह सुनिश्चित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों के कारण दर्ज मामलों का असर युवा अभ्यर्थियों के शैक्षणिक और पेशेवर भविष्य पर न पड़े।

मुख्यमंत्री का यह निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ बिना अनुमति किए गए प्रदर्शनों में शामिल होने के आरोप में मुंबई पुलिस ने वर्ली, दादर, सायन, माहिम और शिवाजी पार्क सहित विभिन्न पुलिस थानों में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 12 से 13 एफआईआर दर्ज की थीं।

900 से अधिक लोगों के नाम दर्ज किए गए या उन पर जमानती धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें अवैध जमावड़ा और बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के तहत निषेधाज्ञा के उल्लंघन जैसी धाराएं शामिल थीं। इनमें से सैकड़ों लोगों को व्हाट्सऐप के माध्यम से नोटिस भेजकर जांच अधिकारियों के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया था।

विपक्षी नेताओं, जिनमें राकांपा (शरद पवार गुट) के नेता जयंत पाटिल और महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शामिल हैं, ने मुख्यमंत्री फडणवीस से छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी पुलिस मामलों को तुरंत वापस लेने की औपचारिक मांग की थी। उन्होंने राज्य सरकार से बिहार में हाल ही में जारी किए गए निर्देशों की तरह आधिकारिक आदेश जारी करने का आग्रह किया था, ताकि लोकतांत्रिक प्रदर्शनों के कारण बने आपराधिक रिकॉर्ड से छात्रों के करियर और शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों में नीट प्रदर्शन में शामिल छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और हिरासत में लिए गए नाबालिगों को तुरंत रिहा किया जाए।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सोमवार को चेतावनी दी थी कि यदि विभिन्न राज्यों में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लंबित सभी पुलिस मामले और एफआईआर तुरंत वापस नहीं ली गईं, तो वह अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन फिर से शुरू करेगी।

–आईएएनएस

पीएम


Related Articles

Latest News