सोल, 28 जुलाई (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के नए नेशनल असेंबली स्पीकर चो जोंग-सिक ने मंगलवार को संविधान संशोधन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा शुरू करने के लिए द्विदलीय विशेष संसदीय समिति का गठन किया जाएगा।
पदभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में चो ने लंबे समय से लंबित संवैधानिक सुधारों के मुद्दे को फिर से उठाया। उन्होंने कहा, “संविधान सुधार पर चर्चा को अगले वर्ष गति देने के लिए द्विदलीय सहमति से एक विशेष संसदीय समिति बनाई जाएगी। मैं संविधान दिवस पर किए गए अपने वादे के अनुसार शांतिपूर्ण और दृढ़ तरीके से संविधान संशोधन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाऊंगा।”
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, चो ने 17 जुलाई को अपने संबोधन में कहा था कि वह अगले वर्ष संविधान संशोधन का प्रस्ताव तैयार करने और मौजूदा संसद का कार्यकाल 2028 में समाप्त होने से पहले संशोधन प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास करेंगे।
प्रस्तावित संशोधनों में राष्ट्रपति की मार्शल लॉ (सैन्य शासन) घोषित करने की शक्तियों पर नियंत्रण, 1980 के 18 मई लोकतांत्रिक आंदोलन की भावना को संविधान की प्रस्तावना में शामिल करना और चुनाव प्रबंधन प्रणाली में सुधार जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।
नेशनल असेंबली स्पीकर ने यह भी घोषणा की कि वह 3 दिसंबर को ‘जन संप्रभुता दिवस’ के रूप में नामित करने का प्रयास करेंगे। यह तारीख पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल द्वारा 2024 में मार्शल लॉ लागू करने के असफल प्रयास की वर्षगांठ से जुड़ी है। चो ने कहा कि यह वह दिन था जब जनता ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना योगदान दिया।
कोरियाई प्रायद्वीप में शांति प्रयासों पर चो ने कहा कि संसद स्तर पर धैर्य के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी के बजाय उत्तर कोरिया के साथ संवाद के रास्ते तलाशे जाएंगे। इससे पहले उन्होंने उत्तर कोरिया से मानवीय सहायता और कोरियाई युद्ध (1950-53) के दौरान अलग हुए परिवारों के पुनर्मिलन जैसे मुद्दों पर बिना किसी पूर्व शर्त के बातचीत की अपील की थी।
संविधान संशोधन के तहत मौजूदा राष्ट्रपति के दोबारा चुनाव लड़ने की संभावना पर चो ने कहा कि यह अंतिम रूप से जनता का फैसला होगा। दक्षिण कोरिया के मौजूदा संविधान में राष्ट्रपति का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है और दोबारा चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं है।
राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने अपने चुनाव अभियान के दौरान संविधान में बदलाव कर राष्ट्रपति को चार-चार वर्ष के दो कार्यकाल की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि उन्होंने कहा था कि संशोधन लागू होने की स्थिति में वह खुद दोबारा चुनाव लड़ने के पात्र नहीं होंगे।
–आईएएनएस
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