विक्रम मिस्री और हुआ चुनयिंग की वार्ता, सीमा शांति के साथ ही द्विपक्षीय रिश्तों पर भी हुई चर्चा


बीजिंग, 27 जुलाई (आईएएनएस)। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने चीन की आध‍िकार‍िक यात्रा के दौरान सोमवार को चीन की विदेश उप मंत्री हुआ चुनयिंग से मुलाकात की। इस वार्ता के दौरान भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व को स्वीकार किया गया।

चीन में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया, “विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने चीन की विदेश उप मंत्री हुआ चुनयिंग से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने भारत-चीन संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने दोनों देशों के नेताओं की उस सोच को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की, जिसमें भारत और चीन को एक-दूसरे के साझेदार और विकास के अवसरों में सहयोगी बताया गया है। इसमें व्यापार और आर्थिक संबंधों, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने के लिए आपसी लाभ वाले कदम शामिल हैं। दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व को माना।”

इससे पहले सोमवार को बीजिंग में विदेश सचिव मिस्री ने चीन की 14वीं राष्ट्रीय जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (सीपीपीसीसी) की समिति के उप महासचिव होंग लियांग से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक स्तर पर और आम लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।

भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर लिखा, “विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने चीन की 14वीं राष्ट्रीय जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (सीपीपीसीसी) की समिति के उप महासचिव होंग लियांग से मुलाकात की। दोनों ने राजनीतिक और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।”

विदेश सचिव मिस्री ने सोमवार को चीन की आधिकारिक यात्रा की शुरुआत चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप मंत्री सन हैयान से मुलाकात के साथ की।

भारतीय दूतावास ने बताया, “विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने चीन की अपनी आधिकारिक यात्रा की शुरुआत चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप मंत्री सन हैयान से मुलाकात के साथ की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के लिए नेताओं के दिशा-निर्देशों को लागू करने के तरीकों पर चर्चा की। इसमें दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों को सुलझाना और राजनीतिक, लोगों के बीच, शैक्षणिक तथा थिंक-टैंक स्तर के संपर्क को बढ़ावा देना शामिल है।”

–आईएएनएस

एवाई/एबीएम


Related Articles

Latest News