इंसान और हाथी के बीच टकराव को नियंत्रित करने में मदद करेंगे दो कुमकी हाथी: पवन कल्याण

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अमरावती, 24 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने शुक्रवार को कहा कि पार्वतीपुरम-मान्यम जिले में इंसानों और हाथियों के बीच होने वाले टकराव को कम करने में दो ‘कुम्की’ हाथी मदद करेंगे।

उन्होंने चित्तूर जिले के पलमनेर से पार्वतीपुरम ले जाए जा रहे दो प्रशिक्षित कुमकी हाथियों, जयंत और अभिमन्यु का अपने आधिकारिक आवास मंगलगिरि में स्वागत किया।

वन एवं पर्यावरण मंत्री पवन कल्याण ने कुमकी हाथियों पर फूल बरसाकर और उन्हें खाना खिलाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने ओडिशा सीमा से सटे पार्वतीपुरम-मान्यम जिले में इंसानों और हाथियों के बीच होने वाले टकराव को कम करने की कोशिशों के तहत इन हाथियों को गुचिमी कैंप के लिए रवाना किया।

वन विभाग प्रशिक्षित कुमकी हाथियों को पलामनेर के पास स्थित मुसलामाडुगु हाथी प्रशिक्षण केंद्र से पार्वतीपुरम-मान्यम जिले के गुचिमी कैंप में भेज रहा है।

पवन कल्याण ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रा के दौरान कुमकी हाथियों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतज़ाम किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि गुचिमी कैंप पहुंचने के बाद विशेषज्ञों की निगरानी में हाथियों को वहां के माहौल के अनुसार ढालने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि कुमकी हाथियों को दूसरी जगह भेजना गठबंधन सरकार की उस योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक और मानवीय तरीकों से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, किसानों की फसलों की रक्षा करना और वन्यजीवों का संरक्षण करना है।

ओडिशा सीमा से लगे इलाकों से जंगली हाथियों के झुंड अक्सर पार्वतीपुरम-मान्यम जिले में आ जाते हैं, जिससे फसलों और संपत्ति को नुकसान पहुंचता है।

अधिकारियों के मुताबिक, जयंत और अभिमन्यु पहले पलमनेर और चित्तूर इलाकों में चलाए गए कई अहम अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने जंगली हाथियों के झुंड को सुरक्षित तरीके से वापस जंगल में पहुंचाने में भी बड़ी मदद की थी।

कुमकी हाथी विशेष रूप से प्रशिक्षित होते हैं। इनका उपयोग वन्यजीव प्रबंधन के कार्यों में किया जाता है। ये जंगली हाथियों को सही दिशा में ले जाने, उन्हें नियंत्रित रखने और ज़रूरत पड़ने पर बचाव अभियान चलाने तथा इंसानों और हाथियों के बीच टकराव कम करने में मदद करते हैं।

विजयनगरम और पार्वतीपुरम-मान्यम जिलों में ओडिशा से आने वाले जंगली हाथियों के झुंडों की आवाजाही बढ़ गई है। फिलहाल, विजयनगरम जिले के बोब्बिली मंडल के कराडा गांव के पास आठ हाथियों का एक झुंड घूम रहा है। वहीं, पार्वतीपुरम-मान्यम जिले के भामिनी मंडल के घनासारा गांव के पास चार हाथियों का एक और झुंड देखा गया है।

पार्वतीपुरम और सीथांपेटा एजेंसी क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदाय जंगली हाथियों के आने से परेशान हैं। हाथियों की वजह से लोगों की जान को खतरा बना रहता है। इसके अलावा, ये हाथी धान, केला, कोको, ऑयल पाम, गन्ना और सब्जियों जैसी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

साल 2017 से इस इलाके में हाथियों के हमलों में कम से कम 13 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें दो हाथी ट्रैकर भी शामिल हैं। इसके अलावा, हाथियों ने करीब 3,600 एकड़ में लगी फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है।

पिछले साल मई में आंध्र प्रदेश सरकार कर्नाटक से चार कुमकी हाथी लाई थी, ताकि इंसानी बस्तियों में आने वाले जंगली हाथियों को नियंत्रित किया जा सके।

पवन कल्याण ने पिछले साल नवंबर में चित्तूर ज़िले में कुमकी हाथी प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया था।

–आईएएनएस

एसएचके/एएस

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