नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। हिंदू पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट से सावन के पवित्र महीने के दौरान ज्ञानवापी परिसर के सील किए गए इलाके में मौजूद शिवलिंग पर पूजा करने की इजाजत मांगी गई है। इस मामले पर सर्वोच्च न्यायालय गुरुवार को सुनवाई करेगा।
ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सील किए गए वजूखाना इलाके में मौजूद शिवलिंग की पूजा और जलाभिषेक करने की इजाजत को लेकर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। वर्ष 2022 से सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद से परिसर के इस हिस्से को सील कर दिया गया था।
हिंदू पक्ष की ओर से कोर्ट को बताया गया है कि वे धार्मिक अनुष्ठान करने की इजाजत मांगते हुए कोर्ट की सभी शर्तों (सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजामों सहित) का पूरी तरह पालन करने को तैयार हैं।
इस महीने की शुरुआत में हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट की “समाधान समारोह” पहल के तहत बातचीत से विवाद सुलझाने के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से ठुकरा दिया और इसके बजाय कानूनी आधार पर नियमित न्यायिक प्रक्रिया के जरिए मामले का निपटारा करने को कहा गया है।
हिंदू पक्ष का लगातार कहना रहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद मुगल काल में एक मंदिर को गिराकर बनाई गई थी। वहीं, मुस्लिम पक्ष का कहना है कि मस्जिद कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त वक्फ संपत्ति है।
वाराणसी जिला अदालत की ओर से जनवरी 2024 में हिंदू श्रद्धालुओं को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के दक्षिणी तहखाने ‘व्यास तहखाने’ में पूजा करने की इजाजत दे दी गई थी।
इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन समिति की अपील को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट को यह भी निर्देश दिया कि वे कोर्ट के निर्देशों के अनुसार श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट को व्यास तहखाने में पूजा-अर्चना करने की सुविधा देने के लिए जरूरी इंतजाम करें।
–आईएएनएस
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