स्कोप्जे, 22 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उत्तर मैसेडोनिया की उनकी समकक्ष गोरदाना सिल्यानोव्स्का-दावकोवा ने बुधवार को स्कोप्जे संग्रहालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा का संयुक्त रूप से अनावरण किया।
राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया, “राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि महात्मा गांधी की यह प्रतिमा भारत और उत्तर मैसेडोनिया के बीच मित्रता का स्थायी प्रतीक बनेगी। साथ ही, यह शांति, सहिष्णुता और मानवता के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को भी दर्शाएगी।”
दोनों ने स्कोप्जे स्थित मदर टेरेसा स्मारक का भी दौरा किया। मदर टेरेसा का जन्म स्कोप्जे में हुआ था और वह वर्ष 1928 तक वहीं रहीं।
अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने उत्तर मैसेडोनिया की संसद को संबोधित किया, राष्ट्रपति गोरदाना सिल्यानोव्स्का-दावकोवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और भारत-उत्तर मैसेडोनिया बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया।
राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार, मंगलवार को स्कोप्जे स्थित विला वोडनो में हुई बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
बैठक से पहले राष्ट्रपति मुर्मु का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
राष्ट्रपति सचिवालय ने एक्स पर लिखा, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का उत्तर मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोरदाना सिल्यानोव्स्का-दावकोवा ने स्कोप्जे के विला वोडनो में गर्मजोशी से स्वागत किया। उत्तर मैसेडोनिया की उनकी पहली राजकीय यात्रा पर उन्हें औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं पर चर्चा की और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा किए। उन्होंने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित गहरे और मैत्रीपूर्ण संबंधों की पुनः पुष्टि की।”
राष्ट्रपति मुर्मु ने स्कोप्जे स्थित चर्च ऑफ सेंट स्पास में राष्ट्रीय नायक गोत्से डेलचेव की समाधि पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। वहीं, उत्तर मैसेडोनिया के प्रधानमंत्री ह्रिस्तियान मिकोस्की ने मंगलवार को राष्ट्रपति मुर्मु के सम्मान में दोपहर भोज का आयोजन किया।
उत्तर मैसेडोनिया राष्ट्रपति मुर्मू की तीन देशों की यात्रा का दूसरा पड़ाव है। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में वह 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया की राजकीय यात्रा पर जाएंगी। यह तीन दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली रोमानिया यात्रा होगी।
–आईएएनएस
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