मुंबई, 21 जुलाई (केसरिया न्यूज़)। वैश्विक अस्थिरता बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 238.41 अंक या 0.31 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,470.11 और निफ्टी 50.80 अंक या 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,187.70 पर था।
बाजार पर दबाव बनाने का दाम सरकारी बैंकिंग शेयरों ने किया। सूचकांकों में निफ्टी पीएसयू बैंक 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर था। इसके अलावा, निफ्टी आईटी (0.61 प्रतिशत), निफ्टी ऑयलएंडगैस (0.50 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (0.38 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (0.31 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (0.04 प्रतिशत) कमजोरी के साथ बंद हुआ।
दूसरी तरफ, निफ्टी रियल्टी (1.07 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (0.93 प्रतिशत), निफ्टी मेटल (0.63 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (0.35 प्रतिशत) और निफ्टी फार्मा (0.34 प्रतिशत) बढ़त के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स पैक में बजाज फिनसर्व, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक, एमएंडएम, टाइटन, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, बीईएल, बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, सन फार्मा, एनटीपीसी, एलएंडटी, अदाणी पोर्ट्स, एचयूएल, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा और एशियन पेंट्स गेनर्स थे।
एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, टीसीएस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, ट्रेंट, आईटीसी और इटरनल लूजर्स थे। लार्जकैप में बिकवाली रही, लेकिन व्यापक बाजार में खरीदारी देखी गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,428.05 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,987.60 पर बंद हुआ।
बाजार के जानकारों ने कहा कि भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, मजबूत कॉरपोरेट आय की उम्मीद और मांग-आधारित कारोबारी अपडेट के समर्थन से मिडकैप शेयर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, लार्जकैप शेयरों की तुलना में इस सेगमेंट के ऊंचे वैल्यूएशन के चलते निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह लार्जकैप शेयरों का कमजोर प्रदर्शन है, जिस पर बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और निवेश प्रवाह में नरमी का असर दिखाई दे रहा है।
–केसरिया न्यूज़
