चेन्नई, 21 जुलाई (केसरिया न्यूज़)। तमिलनाडु सरकार ने तमिलनाडु राज्य मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (टीएएसएमएसी) की शराब खरीद नीति में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने राज्य के रिटेल एकाधिकार वाले इस निगम को निर्देश दिया है कि वह कुछ चुनिंदा कंपनियों पर ज्यादा निर्भर रहने के बजाय, सभी वैध निर्माताओं से शराब की खरीद समान रूप से करें।
तमिलनाडु राज्य मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (टीएएसएमएसी) की ओर से पूरे तमिलनाडु में 4,000 से ज्यादा शराब की दुकानें चलाई जाती हैं। टीएएसएमएसी की ओर से अभी 11 मैन्युफैक्चरर्स से इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल) और छह कंपनियों से बीयर खरीदा जाता है। खबरों के अनुसार, इनमें से कुछ मैन्युफैक्चरर्स को बड़ी राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोग प्रमोट करते हैं। अब तक, खरीद मुख्य रूप से ग्राहकों की मांग पर आधारित थी, जिसमें टीएएसएमएसी सबसे लोकप्रिय ब्रांडों से काफी ज्यादा मात्रा में शराब खरीदता था।
कई बार लगभग 60 से 70 प्रतिशत सप्लाई कुछ ही मैन्युफैक्चरर्स से आती थी, जिनके उत्पादों की बिक्री सबसे ज्यादा होती थी। टीवीके के नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन के बाद, टीएएसएमएसी की ओर से पारदर्शिता बढ़ाने और कामकाज को बेहतर बनाने के लिए कई सुधार लागू किए जा रहे हैं।
टीएएसएमएसी बोर्ड ने 6 जुलाई को हुई अपनी बैठक में सभी वैध मैन्युफैक्चरर्स से लगभग बराबर मात्रा में शराब खरीदकर एक संतुलित खरीद रणनीति फैसला किया। इस फ़ैसले के अनुसार, टीएएसएमएसी ने सभी शराब कंपनियों को एक समान रूप से खरीद ऑर्डर जारी करना शुरू कर दिया है।
कॉरपोरेशन ने अपने प्रीमियम “एलीट” शराब आउटलेट्स को यह भी निर्देश दिया है कि वे हर वैध मैन्युफैक्चरर से प्रीमियम और मीडियम-ग्रेड शराब का कम से कम एक केस स्टॉक में रखें, ताकि ग्राहकों के लिए ब्रांडों की एक बड़ी रेंज उपलब्ध हो सके। बदली हुई खरीद नीति पर टीएएसएमएसी कर्मचारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है।
कर्मचारियों का कहना है कि बराबर खरीद से ग्राहकों की पसंद का सही अंदाजा नहीं लग सकता। वे चेतावनी देते हैं कि अगर हर मैन्युफैक्चरर से स्टैंडर्ड शराब की किस्में बराबर मात्रा में खरीदी जाती हैं, तो लोकप्रिय ब्रांडों का स्टॉक खत्म हो सकता है, जबकि कम बिकने वाले उत्पाद स्टोर की शेल्फ पर बिना बिके रह सकते हैं।
कर्मचारियों के अनुसार, इससे ग्राहकों की पसंद वाले शराब ब्रांडों की कमी हो सकती है और साथ ही कम मांग वाले उत्पादों का इन्वेंट्री बढ़ सकता है। इस बीच, शराब पीने वालों ने सरकार से टीएएसएमएसी आउटलेट्स में उपलब्ध उत्पादों की रेंज को और बढ़ाने का आग्रह किया है। वे चाहते हैं कि मशहूर इम्पोर्टेड और इंटरनेशनल शराब ब्रांड भी शामिल किए जाएं, जो अभी पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी और आस-पास के राज्यों में बिकते हैं।
–केसरिया न्यूज़
