गांधीनगर, 20 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात सरकार यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल चंपानेर-पावागढ़ में बुनियादी ढांचे और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 359 करोड़ रुपए के मास्टर प्लान पर काम कर रही है।
इस प्रोजेक्ट के दो चरण पहले ही पूरे हो चुके हैं और आने-जाने की सुविधा और पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त काम की योजना बनाई गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, पुनर्विकास कार्यक्रम में गुजरात के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक, पावागढ़ का महाकाली मंदिर और उसके आसपास का चंपानेर पुरातत्व पार्क (जो यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है) शामिल हैं।
अधिकारियों ने कहा, “यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। इसका मकसद पर्यटकों के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार करते हुए धरोहर को संरक्षित करना है।”
सरकार ने बताया कि चार चरणों वाले इस मास्टर प्लान की अनुमानित लागत 359 करोड़ रुपए है।
गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड के माध्यम से पहले और दूसरे चरण में 121 करोड़ रुपए के काम पूरे किए गए हैं। इन कामों में मंदिर परिसर का विस्तार और भक्तों के लिए सुविधाओं में सुधार पर ध्यान दिया गया है।
महाकाली मंदिर परिसर का विस्तार तीन स्तरों पर 545 वर्ग मीटर से बढ़ाकर लगभग 2,980 वर्ग मीटर कर दिया गया है।
अधिकारियों ने मंदिर तक जाने वाले रास्ते पर बिजली की व्यवस्था, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और सीसीटीवी निगरानी की सुविधा भी लगाई है।
तीर्थयात्रियों के आने-जाने की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए 3.01 किलोमीटर लंबा रास्ता भी बनाया गया है, जिसमें माची चौक को मंदिर से जोड़ने वाली 2,374 सीढ़ियां शामिल हैं।
प्रदेश सरकार ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन से प्रेरित होकर, राज्य सरकार विश्व प्रसिद्ध पावागढ़ तीर्थ स्थल पर बड़े पैमाने पर विकास कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने पावागढ़ के समग्र विकास के लिए 359 करोड़ रुपए का मेगा मास्टर प्लान शुरू किया है।”
बाकी बचे तीसरे और चौथे चरण में कुल 238 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा, जिसका मकसद धरोहर स्थल के आसपास बुनियादी ढांचे का और विकास करना है।
चरण 3ए के तहत, माची चौक पर 13.68 करोड़ रुपए की लागत से मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधा पूरी कर ली गई है। 135.19 करोड़ रुपए के बजट वाले फेज 3बी में चंपानेर में अंदरूनी और बाहरी सड़कों, पैदल चलने वालों के रास्तों, बिजली की व्यवस्था, लैंडस्केपिंग, 600 से ज्यादा दो-पहिया और चार-पहिया वाहनों के लिए पार्किंग और बस इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण और सुधार शामिल है।
सरकार ‘वाडा तालाब’ इलाके को फिर से विकसित करने की भी योजना बना रही है। इसमें सुंदर बगीचे, घाट, वॉटर जेटी, फुटब्रिज, थीम पार्क, बच्चों के खेलने की जगह, एक्टिविटी जोन, बर्डवॉच टावर, क्राफ्ट स्टॉल और लगभग 500 कारों के लिए पार्किंग की जगह शामिल होगी।
राज्य सरकार ने कहा कि यह प्रोजेक्ट गुजरात के अहम तीर्थ स्थलों पर सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ विरासत को संरक्षित करने के विजन के तहत लागू किया जा रहा है।
–आईएएनएस
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