श्रीहरिकोटा, 18 जुलाई (केसरिया न्यूज़)। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से हैदराबाद की निजी कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस अपने ‘विक्रम-1’ रॉकेट का प्रक्षेपण कर रही है। ‘मिशन आगमन’ नाम से होने वाला यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब किसी भारतीय निजी कंपनी द्वारा पूरी तरह डिजाइन और निर्मित ऑर्बिटल श्रेणी के रॉकेट को भारत की धरती से लॉन्च किया जा रहा है।
इस मिशन को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। हैदराबाद से श्रीहरिकोटा पहुंचे अवेश पटेल ने आईएएनएस से कहा कि वह अपनी शहर की कंपनी स्काईरूट का उत्साह बढ़ाने के लिए यहां आए हैं।
उन्होंने कहा, “हम स्काईरूट को इस रॉकेट लॉन्च के लिए शुभकामनाएं देते हैं। उम्मीद है कि यह हम सभी के लिए यादगार अनुभव होगा। आने वाले वर्षों में और भी निजी कंपनियां ऐसे मिशन शुरू करेंगी। ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को पूरा करने में ऐसे रॉकेट लॉन्च बेहद महत्वपूर्ण हैं।”
एयरोस्पेस इंजीनियर निशिता ने कहा कि यह पल उनके लिए बेहद रोमांचक है। उन्होंने कहा, “यह पहली बार है जब कोई निजी भारतीय कंपनी ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कर रही है। यह एक ऐतिहासिक पल है। एक एयरोस्पेस इंजीनियर होने के नाते यह मेरे लिए गर्व का क्षण है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस ऐतिहासिक लॉन्च को देखने का अवसर सभी लोगों, खासकर छात्रों के लिए खुला है। हम अपने देश की महानता और उसके उज्ज्वल भविष्य को अपनी आंखों के सामने देख रहे हैं।”
लॉन्च देखने पहुंचे एक छात्र ने भी खुशी जताते हुए कहा, “भारत में विक्रम-1 का लॉन्च होना पूरे देश के लिए गर्व की बात है। हम सभी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए यहां एकत्र हुए हैं।” स्काईरूट एयरोस्पेस ने वर्ष 2022 में ‘विक्रम-एस’ नाम का सब-ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया था। वहीं ‘विक्रम-1’ एक मल्टी-स्टेज ऑर्बिटल रॉकेट है, जिसे लो अर्थ ऑर्बिट में उपग्रह स्थापित करने के लिए विकसित किया गया है। इसे भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
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