पुरी, 16 जुलाई (आईएएनएस)। महाप्रभु श्री जगन्नाथ, महाप्रभु बलभद्र, देवी सुभद्रा और चक्रराज सुदर्शन की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा 2026 गुरुवार को पुरी में अपार धार्मिक उत्साह, भक्ति और अनुकरणीय प्रशासनिक समन्वय के साथ संपन्न हुई।
दिनभर लगातार बारिश और खराब मौसम के बावजूद, ओडिशा, देश और विदेश से लगभग 8 से 9 लाख श्रद्धालु इस उत्सव में शामिल हुए। तीनों रथों को खींचने सहित उत्सव से जुड़े सभी पवित्र अनुष्ठान सुचारू रूप से संपन्न हुए और योजना के अनुसार पूरे किए गए।
गोवर्धन पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य भी रथों पर आए और प्रार्थना की। राज्य सरकार ने उत्सव के सफल आयोजन के लिए व्यापक और बहुस्तरीय व्यवस्थाएं कीं।
पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवा, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), परिवहन, नगर प्रशासन, जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग, ऊर्जा और अन्य संबंधित विभागों सहित सभी हितधारक विभागों को शामिल करते हुए। चौबीसों घंटे निगरानी, पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, व्यापक सीसीटीवी कवरेज, सार्वजनिक घोषणा प्रणाली, यातायात नियमन, स्वच्छता उपाय, पेयजल सुविधाएं, आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और चिकित्सा अवसंरचना ने सुनिश्चित किया कि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमतापूर्वक उत्सव में भाग ले सकें।
अभूतपूर्व श्रद्धालुओं की भीड़ और लगातार बारिश को देखते हुए दिन भर थकान, निर्जलीकरण, घुटन और मामूली स्वास्थ्य संबंधी असुविधा के मामले सामने आए।
उत्सव के दौरान, सात लोग अस्वस्थ महसूस करने लगे और तैनात कर्मियों द्वारा उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
उनमें से एक 60 वर्ष से अधिक आयु के पुरुष श्रद्धालु की दुर्भाग्यवश मृत्यु हो गई, और संबंधित अधिकारियों द्वारा मृत्यु के सटीक कारण का पता लगाया जा रहा है।
एक अलग घटना में 35 वर्ष से अधिक आयु के एक पुरुष श्रद्धालु को हृदयाघात हुआ और तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप के बावजूद दुर्भाग्यवश उनका निधन हो गया।
लगातार बारिश के कारण कई श्रद्धालु बीमार पड़ गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और उचित उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
त्योहार का समग्र संचालन शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सुचारू रूप से हुआ।
भगदड़ की कोई घटना नहीं हुई और न ही भीड़ प्रबंधन में कोई गड़बड़ी हुई।
प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों, सेवकों और स्वयंसेवकों के समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं की आवाजाही निर्बाध रही।
त्योहार के दौरान स्थिति सामान्य बनी रही और सभी आवश्यक सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहीं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने सेवकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया और लाखों श्रद्धालुओं को उनके धैर्य, अनुशासन और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया, जिन्होंने त्योहार के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सेवाओं और प्रशासनिक तैयारियों में निरंतर सुधार के माध्यम से यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की कि प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षा, गरिमा और सुविधा के साथ पवित्र त्योहार का अनुभव कर सके।
–आईएएनएस
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