पुरी रथ यात्रा में श्रद्धालु की मौत पर सियासत, विपक्ष ने सरकार को घेरा


भुवनेश्वर, 16 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा के पुरी में गुरुवार को वार्षिक रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु की कथित भगदड़ में मौत के बाद मुख्य विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) के साथ-साथ ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा है।

ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास ने श्रद्धालु की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और राज्य सरकार से सतर्क रहने तथा भीड़ प्रबंधन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान बड़ा डांडा (ग्रैंड रोड) स्थित मारीचिकोट चौक के पास अत्यधिक भीड़ के कारण श्रद्धालु अनिल दास का दम घुटने लगा। पुलिस बैरिकेड से लगभग 100 फीट दूर, क्योंझर जिले के निवासी अनिल दास अचानक गिर पड़े। उन्हें तुरंत पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

भक्त चरण दास ने कहा कि रथ यात्रा के दौरान इस तरह की घटनाओं का बार-बार होना गंभीर चिंता का विषय है और इसकी गहन समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने घटना को अक्षम्य बताते हुए आरोप लगाया कि एक श्रद्धालु की मौत हुई है, जबकि 150 से अधिक लोग दम घुटने और भीड़ से जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण इलाज करा रहे हैं।

उन्होंने पिछले वर्ष रथ यात्रा के दौरान पुरी में हुई भगदड़ का भी उल्लेख किया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। दास ने आरोप लगाया कि अत्यधिक संख्या में कॉर्डन पास जारी करना और आरएसएस स्वयंसेवकों को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति देना कथित अव्यवस्था के प्रमुख कारणों में शामिल था।

उन्होंने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ की रस्म पारंपरिक “ताहिया” के बिना संपन्न कराई गई। ताहिया एक बड़ा और सुगंधित पुष्प मुकुट होता है, जिसे भगवानों को पहनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे ओड़िया समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

वहीं, राज्य सरकार ने गुरुवार को रथ यात्रा के दौरान भगदड़ की घटनाओं के आरोपों से इनकार किया है, लेकिन पुरी में दो श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि की है।

राज्य सरकार के अनुसार, रथ यात्रा के दौरान सात लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी, जिन्हें तैनात कर्मियों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के एक पुरुष श्रद्धालु की कथित तौर पर दम घुटने के कारण मौत हो गई।

इसके अलावा, एक अलग घटना में 35 वर्ष से अधिक आयु के एक अन्य पुरुष श्रद्धालु को दिल का दौरा पड़ा और तत्काल चिकित्सा सहायता के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

–आईएएनएस

एएमटी/एबीएम


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