नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण, और नई और रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री प्रल्हाद जोशी ने गुरुवार को बेंगलुरु के जक्कुर में रीजनल रेफरेंस स्टैंडर्ड्स लेबोरेटरी (आरआरएसएल) में ‘व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी’ पर आधारित ‘इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (आईएसटी) – डिस्ट्रीब्यूशन डेमोंस्ट्रेशन नेटवर्क’ का उद्घाटन किया।
इस मौके पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘वन नेशन, वन टाइम’ के बड़े विजन के तहत लागू की गई यह पहल, पूरे भारत में एक जैसा, बहुत सटीक और सुरक्षित टाइम स्टैंडर्ड बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह नया सिस्टम जीपीएस जैसे विदेशी टाइम सोर्स पर भारत की निर्भरता को खत्म करके देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की संप्रभुता को बनाए रखता है। बाहरी टाइम रेफरेंस पर निर्भरता कम करके, जरूरी सेक्टर को साइबर-अटैक और डेटा मैनिपुलेशन जैसे जोखिमों से ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा मिलेगी। यह हाई-प्रिसिजन टाइम सिंक्रोनाइजेशन टेक्नोलॉजी हाई-फ्रीक्वेंसी फाइनेंशियल मार्केट, स्टॉक एक्सचेंज, डिजिटल बैंकिंग पेमेंट, टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क और नेशनल पावर ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने में क्रांतिकारी साबित होगी।
मिनिस्ट्री ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स का लीगल मेट्रोलॉजी डिवीजन इस प्रोजेक्ट के लिए नोडल एजेंसी है, जिसे नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (एनपीएल), इसरो, बीएसएनएल और सेबी जैसे खास टेक्निकल इंस्टीट्यूशन के सहयोग से पूरा किया गया है। मिनिस्टर ने कहा कि यह देसी सिस्टम, जो ग्लोबल कोऑर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम (यूटीसी) प्रोटोकॉल के हिसाब से काम करता है, इंटरनेशनल क्वालिटी स्टैंडर्ड बनाए रखते हुए भारत की अंदरूनी सिक्योरिटी को मजबूत करेगा।
मंत्री ने अपना विजन बताया कि ये यूनिफॉर्म टाइम प्रोटोकॉल भारत के भविष्य के टेक्नोलॉजी-ड्रिवन डिजिटल गवर्नेंस और पब्लिक सर्विसेज की ट्रांसपेरेंसी के लिए एक बुनियादी पिलर का काम करेंगे।
इस इवेंट में कंज्यूमर अफेयर्स डिपार्टमेंट की सेक्रेटरी निधि खरे, एडिशनल सेक्रेटरी अनुपम मिश्रा, लीगल मेट्रोलॉजी के डायरेक्टर आशुतोष अग्रवाल और दूसरे अधिकारी मौजूद थे।
–आईएएनएस
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